Panipat News: हरियाणा के पंचकूला में गिरफ्तार नगर निगम के जूनियर इंजीनियर रोहित सैनी को लेकर एक हैरान करने वाला खुलासा हुआ है। पानीपत नगर निगम कार्यालय से सेवानिवृत्त हो चुके दो क्लर्क यहां आकर जेल में बंद जेई की फर्जी हाजिरी लगा रहे थे। एक जुलाई को हुई गिरफ्तारी के अगले दिन भी रजिस्टर में उसकी हाजिरी दर्ज थी।
हाजिरी के खेल में कमिश्नर ने दिए बायोमेट्रिक सिस्टम के आदेश
इस गंभीर मामले का भंडाफोड़ होने के बाद नगर निगम कमिश्नर डॉ. पंकज राव ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कार्यालय के सभी अधिकारी-कर्मचारियों की हाजिरी की गहन जांच कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही अब विभाग में आधुनिक फेस रिकग्निशन आधारित बायोमेट्रिक अटेंडेंस प्रणाली लागू करने के आदेश जारी किए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, सेवानिवृत्त क्लर्क ओमवीर और सोमवीर पर इस फर्जी हाजिरी को लगाने की मुख्य जिम्मेदारी थी। इन दोनों आरोपियों को जेल में बंद जेई द्वारा हर महीने पंद्रह हजार रुपए की रिश्वत दी जा रही थी। निगम कमिश्नर ने इन दोनों दोषी क्लर्कों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दे दिए हैं।
साढ़े तीन करोड़ रुपए की ठगी के मामले में रिमांड पर है जेई
जूनियर इंजीनियर रोहित सैनी पर हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन से बकाया राशि का भुगतान कराने और विजिलेंस जांच से बचाने का झांसा देकर साढ़े तीन करोड़ रुपए की ठगी का आरोप है। आरोपी ने यह धोखाधड़ी दिल्ली की प्रसिद्ध खेल सामग्री निर्माता कंपनी शिव नरेश प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर से की थी।
अदालत ने आरोपी को आठ दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। इस अवधि के दौरान पुलिस उसके बैंक खातों, अवैध पैसों के लेनदेन और इस पूरे गिरोह में शामिल अन्य लोगों के बारे में गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस टीम इस मुख्य साजिश के सूत्रधार रोहित के भाई मोहित की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार छापेमारी कर रही है।

