Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले होनहार विद्यार्थियों के लिए शिक्षा विभाग ने बहुत बड़ी राहत दी है। अब होनहार छात्रों को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए अपने घर से दूर दूसरे बड़े शहरों के स्कूलों में जाने की बिल्कुल जरूरत नहीं पड़ेगी।
सुक्खू सरकार ने प्रदेश के 17 केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई से मान्यता प्राप्त सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में नए एकेडमिक कोर्स शुरू करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। सरकार के इस बड़े कदम से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को उनके घर के पास ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी।
नए सत्र से शुरू होंगी मेडिकल और कॉमर्स स्ट्रीम
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी नई गाइडलाइंस के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 से विभिन्न चिन्हित सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में मेडिकल, नॉन-मेडिकल और कॉमर्स संकाय पूरी तरह शुरू किए जाएंगे। इस फैसले से ग्रामीण और विशेषकर दूरदराज के आदिवासी इलाकों में समान शिक्षा के बेहतर अवसर पैदा होंगे।
प्रशासन का मानना है कि कई दूरस्थ स्कूलों में अभी तक विद्यार्थियों के पास विषयों के बहुत सीमित विकल्प थे। ऐसे में मनपसंद पढ़ाई के लिए उन्हें रोजाना मीलों लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। नए विषय शुरू होने से छात्र अपने ही गांव में रहकर बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
जानिए किस जिले के किस स्कूल को मिला बड़ा फायदा
आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक चंबा जिले के किहार स्कूल में कॉमर्स और मेडिकल की कक्षाएं शुरू होंगी। वहीं हमीरपुर के बरा में मेडिकल, बड़सर और बटरान में कॉमर्स तथा मेडिकल स्ट्रीम मिलेगी। इसके अलावा सोहारी, कुंसल और अपर लंबा गांव के स्कूलों में तीनों संकायों की पढ़ाई होगी।
कांगड़ा के संलेटी स्कूल में सिर्फ कॉमर्स संकाय खोला जाएगा, जबकि मंडी के कोलनी धलवां में कॉमर्स और मेडिकल की पढ़ाई होगी। जनजातीय क्षेत्र किन्नौर के निचार, कुल्लू के सराहन, शिमला के बलदेयां, सैंज, ननखड़ी, सिरमौर के कफोटा और ऊना के बधेड़ा स्कूल में भी नए विषय चलेंगे।
उच्च शिक्षा और करियर काउंसलिंग के लिए मजबूत आधार
राज्य सरकार का दावा है कि इस बड़े बदलाव से ग्रामीण पृष्ठभूमि के होनहार विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बेहतरीन विकल्प मिलेंगे। घर के नजदीक पढ़ाई होने से खासकर छात्राओं का स्कूल ड्रॉपआउट रेट भी राज्य में बहुत तेजी से कम होने की पूरी उम्मीद है।
इसके साथ ही भविष्य में इंजीनियरिंग, मेडिकल प्रवेश परीक्षा, चार्टर्ड अकाउंटेंट और अन्य प्रोफेशनल डिग्री कोर्सेज की तैयारी करने वाले युवाओं को स्कूल स्तर पर ही एक मजबूत बेस मिल जाएगा। शिक्षा विभाग इन सभी चयनित 17 सरकारी स्कूलों में आवश्यक स्टाफ और लैब्स की व्यवस्था जल्द पूरी करेगा।
Reported By: Rashmi Sharma

