New Delhi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक मंच पर भारत की आर्थिक ताकत का लोहा मनवाते हुए नीदरलैंड (डच) की दिग्गज कंपनियों को एक बड़ा आमंत्रण दिया है। शनिवार को आयोजित एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक में पीएम मोदी ने डच कंपनियों को भारत में डिजाइन, इनोवेशन और मैन्युफैक्चरिंग करने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि आज के नए भारत में विदेशी निवेशकों के लिए विकास के अपार और असीमित अवसर मौजूद हैं।
धोलेरा सेमीकंडक्टर फैब के लिए ऐतिहासिक समझौता
इस हाई-प्रोफाइल बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और डच पीएम रॉब जेटेन की गरिमामयी मौजूदगी में एक ऐतिहासिक कारोबारी डील पर मुहर लगी। गुजरात के धोलेरा में स्थापित होने वाले भारत के पहले सेमीकंडक्टर फैब को मजबूत तकनीकी सहयोग देने के लिए टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और नीदरलैंड की दिग्गज कंपनी ASML के बीच एक बड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, जो देश के तकनीकी भविष्य को पूरी तरह बदल देगा।
भारत-EU FTA को जल्द लागू करने पर दोनों देशों का जोर
बैठक के दौरान दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को जल्द से जल्द लागू करने की पुरजोर वकालत की। एक आधिकारिक सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, यह एफटीए भारत और यूरोपीय संघ को बेहद भरोसेमंद और विश्वसनीय रणनीतिक साझेदारों के रूप में और मजबूत करेगा, जिससे खुले बाजारों, समावेशी विकास और मजबूत ग्लोबल सप्लाई चेन को बढ़ावा मिलेगा।
राउंडटेबल मीटिंग में दुनिया के शीर्ष डच सीईओ शामिल
प्रधानमंत्री मोदी ने डच कंपनियों के शीर्ष बिजनेस लीडर्स के साथ एक विशेष राउंडटेबल मीटिंग की। इस महत्वपूर्ण बैठक में एएसएमएल के क्रिस्टोफ फौक्वेट, एपीएम टर्मिनल्स के कीथ स्वेनडसन, फिलिप्स के रॉय जैकब्स, और केएलएम रॉयल डच एयरलाइंस की मार्जन रिंटेल सहित शिपयार्ड, सेमीकंडक्टर्स, पोर्ट ऑफ रॉटरडैम, और क्लीन एनर्जी सेक्टर की दिग्गज कंपनियों के सीईओ और चेयरमैन व्यक्तिगत रूप से मौजूद रहे।
ग्लोबल ग्रोथ में भारत का रिकॉर्ड 17 फीसदी योगदान
सीईओ राउंडटेबल को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने गर्व से कहा कि आज का आत्मनिर्भर भारत वैश्विक पैमाने और स्थिरता का एक बड़ा प्रतीक बन चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर, क्लीन एनर्जी और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में आज दुनिया का कोई भी देश भारत की तेज गति की बराबरी नहीं कर सकता है। यही मुख्य वजह है कि आज भारत वैश्विक विकास दर (Global Growth) में अकेले 17% का विशाल योगदान दे रहा है।
आर्थिक रिफॉर्म्स से बदला भारत का बुनियादी DNA
प्रधानमंत्री ने विदेशी उद्योगपतियों को भरोसा दिलाया कि सरकार ने लगातार बड़े सुधारों के जरिए भारत के आर्थिक और व्यावसायिक DNA को पूरी तरह बदल दिया है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र को नीतियों के मामले में निश्चितता देने और नए अवसर बढ़ाने के लिए, देश ने स्पेस टेक्नोलॉजी, माइनिंग और परमाणु ऊर्जा जैसे बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण क्षेत्रों को भी निजी निवेश के लिए खोल दिया है।
कम हुआ कंप्लायंस का बोझ और बढ़ी व्यापार सुगमता
पीएम मोदी ने कहा, “हमारी सरकार देश में नियमों के पालन से जुड़े बोझ को लगातार कम कर रही है और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ा रही है। हाल ही में, हमने टैक्सेशन, लेबर कोड और बेहतर गवर्नेंस जैसे क्षेत्रों में नेक्स्ट-जनरेशन के सुधारों को लागू किया है।” उन्होंने बताया कि भारत में मैन्युफैक्चरिंग अब पहले के मुकाबले बहुत अधिक किफायती और अंतरराष्ट्रीय स्तर की होती जा रही है।
भारत बना ग्लोबल कैपेबिलिटी का नया पावरहाउस
सर्विस सेक्टर का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपनी बेमिसाल युवा प्रतिभा की बदौलत आज कुशलता और वैश्विक इनोवेशन का मुख्य इंजन बन गया है। उन्होंने मीटिंग में आए दिग्गजों को बताया कि लगभग सभी बड़ी ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंपनियों ने भारत में अपने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) खोल लिए हैं। उन्होंने डच कंपनियों से कहा कि भारत में डिजाइन और इनोवेशन करने का इससे बेहतर समय कोई और नहीं हो सकता। साझेदारी के मुख्य बिंदु महत्वपूर्ण आंकड़े और तथ्य रणनीतिक प्रभाव ग्लोबल ग्रोथ में हिस्सेदारी 17% का रिकॉर्ड योगदान विश्व अर्थव्यवस्था का मुख्य इंजन डच कंपनियों की मौजूदगी 300 से अधिक कंपनियां सक्रिय यूरोप से भारत का सबसे बड़ा निवेशक सेमीकंडक्टर हब धोलेरा (गुजरात) में पहला FAB टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और ASML की डील
यूरोप से भारत का सबसे बड़ा निवेशक बना नीदरलैंड्स
भारत और नीदरलैंड्स के पुराने आर्थिक रिश्तों को रेखांकित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि वर्तमान में 300 से अधिक प्रतिष्ठित डच कंपनियां ‘इंडिया स्टोरी’ का एक अहम हिस्सा बन चुकी हैं। नीदरलैंड्स पूरे यूरोप महाद्वीप से भारत का सबसे बड़ा निवेशक और दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों प्रधानमंत्रियों ने टाटा और एएसएमएल की इस नई साझेदारी का स्वागत करते हुए इसे दोनों देशों के लिए मील का पत्थर बताया।

