Delhi News: दिल्ली हाई कोर्ट ने टेलीग्राम ऐप पर केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को हटाने से साफ इनकार कर दिया है। अदालत ने सरकार के इस फैसले को सही ठहराते हुए मैसेजिंग ऐप की याचिका को पूरी तरह खारिज कर दिया। भारत में अब 22 जून तक टेलीग्राम पर यह बैन पूरी तरह से जारी रहेगा।
नीट परीक्षा में पेपर लीक रोकने के लिए बड़ा कदम
केंद्र सरकार ने 21 जून को होने वाली नीट री-एग्जाम परीक्षा के दौरान फर्जी पेपर लीक, ऑनलाइन धोखाधड़ी और दुष्प्रचार को रोकने के लिए यह कदम उठाया है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में दलील दी कि टेलीग्राम पर तारीख और समय बदलने का एक विशेष फीचर मौजूद है, जिससे लोग भ्रम फैलाते हैं।
सॉलिसिटर जनरल ने अदालत को बताया कि साल 2024 में भी इसी तरह टेलीग्राम के टाइम स्टांप को बदलकर छात्रों के बीच झूठी अफवाहें फैलाई गई थीं। सरकार ने छात्रों के भविष्य और जनहित को ध्यान में रखते हुए ही परीक्षा की अवधि के दौरान यह अस्थायी और सुरक्षात्मक प्रतिबंध लगाने का फैसला किया।
साइबर अपराध और अवैध गतिविधियों का केंद्र बना ऐप
सरकार से जुड़े सूत्रों ने स्पष्ट किया है कि भारत में टेलीग्राम पर यह कोई ब्लैंकेट यानी पूर्ण प्रतिबंध नहीं है। दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले की गंभीरता को स्वीकार करते हुए साफ कहा कि केंद्र सरकार ने बिना सोचे-विचारे या बिना किसी ठोस कारण के यह सख्त आदेश जारी नहीं किया था।
सरकारी हलफनामे में भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र की एक रिपोर्ट का हवाला भी दिया गया है। इस गोपनीय रिपोर्ट के अनुसार, टेलीग्राम प्लेटफॉर्म वर्तमान में देश के भीतर साइबर अपराधियों, वित्तीय धोखाधड़ी करने वालों और प्रश्नपत्र लीक करने वाले माफियाओं के लिए सबसे पसंदीदा और सुरक्षित माध्यम बन चुका है।
रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि अपराधी इस मैसेजिंग ऐप पर फर्जी खाते, छिपी हुई पहचान, सीक्रेट चैनल और बड़े ग्रुप बनाकर गैर-कानूनी काम करते हैं। वे डाटा लीक करने, खतरनाक वायरस फैलाने और देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए टेलीग्राम की प्राइवेसी नीतियों का गलत फायदा उठाते हैं।
उच्च न्यायालय ने टेलीग्राम की उस दलील को भी खारिज कर दिया जिसमें पूर्व सूचना न मिलने की बात कही गई थी। कोर्ट ने पांच दिनों के इस अस्थायी प्रतिबंध को बरकरार रखते हुए साफ कर दिया कि परीक्षा की पवित्रता और सुरक्षा सर्वोपरि है, जिससे कोई समझौता नहीं हो सकता।
Author: Adv Anuradha Rajput


