New Delhi News: देश के ऑटोमोबाइल सेक्टर ने जून के महीने में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (फाडा) के मुताबिक, जून में वाहनों की कुल खुदरा बिक्री सालाना आधार पर 21.83 प्रतिशत बढ़कर 25,57,234 इकाई पर पहुंच गई। पिछले साल जून 2025 में यह आंकड़ा 20,98,996 इकाई दर्ज किया गया था।
फाडा के ताजा आंकड़ों के अनुसार पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में शानदार तेजी देखी गई है। जून के दौरान पैसेंजर गाड़ियों की खुदरा बिक्री 28.63 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,10,853 इकाई रही। अगर हम पिछले साल की बात करें, तो जून 2025 में यह बिक्री केवल 3,19,412 इकाई के स्तर पर सिमट कर रह गई थी।
टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर सेगमेंट में दर्ज हुई शानदार ग्रोथ
देश के ग्रामीण और शहरी बाजारों में टू-व्हीलर की मांग काफी मजबूत रही है। जून में दोपहिया वाहनों की बिक्री 21.22 प्रतिशत बढ़कर 18,28,458 इकाई हो गई, जो पिछले साल 15,08,378 इकाई थी। वहीं थ्री-व्हीलर की बिक्री भी 16.2 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,20,889 इकाई के पार पहुंच गई है।
कमर्शियल व्हीकल सेगमेंट में भी इस अवधि के दौरान अच्छी आर्थिक गतिविधियों का असर दिखा है। जून में कमर्शial गाड़ियों की खुदरा बिक्री 16.88 प्रतिशत बढ़कर 90,972 इकाई रही, जो जून 2025 में 77,836 इकाई थी। फाडा के अध्यक्ष सी. एस. विग्नेश्वर ने इसे भारतीय ऑटो रिटेल इतिहास का सबसे ऐतिहासिक महीना बताया है।
जुलाई के महीने को लेकर डीलर्स का नजरिया बेहद सकारात्मक
ऑटोमोबाइल डीलर्स आगामी महीनों को लेकर काफी उत्साहित नजर आ रहे हैं। फाडा के सर्वे में 51.24 प्रतिशत डीलर्स ने जुलाई में बिक्री बढ़ने की उम्मीद जताई है। वहीं करीब 41.79 प्रतिशत डीलर्स का मानना है कि बाजार स्थिर रहेगा, जबकि सिर्फ 6.97 प्रतिशत डीलर्स को ही बिक्री में गिरावट की आशंका है।
आने वाले समय में मानसून की प्रगति और खरीफ फसलों की बुवाई बाजार की दिशा तय करेगी। इसके अलावा पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव कम होने और क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी से सप्लाई चेन सामान्य रहने की उम्मीद है। हालांकि, जुलाई में वाहन कंपनियों द्वारा दाम बढ़ाने से कुछ ग्राहक थोड़ा इंतजार कर सकते हैं।
त्योहारी सीजन तक जारी रह सकती है ऑटो सेक्टर की रफ्तार
चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में ऑटो रिटेल सेक्टर ने 15.35 प्रतिशत की रिकॉर्ड सालाना वृद्धि दर्ज की है। डीलर्स का मानना है कि यह सकारात्मक माहौल आगामी त्योहारी सीजन तक लगातार बना रहेगा। लगभग 38.31 प्रतिशत डीलर्स ने पूरे वित्त वर्ष के लिए अपने रिटेल सेल्स के अनुमान को बढ़ा दिया है।
हालांकि डीलर संगठन ने कुछ बड़े जोखिमों के प्रति भी सचेत किया है। मानसून में कमी या अल-नीनो का ग्रामीण इलाकों की मांग पर बुरा असर पड़ सकता है। इसके साथ ही गाड़ियों की बढ़ती कीमतें और डीलर्स के पास जमा हो रहा इन्वेंट्री स्टॉक इस समय ऑटो इंडस्ट्री के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है।

