Delhi News: दुनिया भर की बड़ी टेक कंपनियों में जारी छंटनी की लहर का सीधा और बेहद खतरनाक असर अब भारतीय रोजगार बाजार पर दिखने लगा है। देश के आईटी सेक्टर में नई भर्तियां पिछले 28 महीनों के सबसे निचले स्तर पर आ गई हैं। इस मंदी के बीच अचानक 56,000 से ज्यादा भारतीय टेक प्रोफेशनल्स नई नौकरी खोजने को मजबूर हैं।
स्टाफिंग फर्म एक्सफेनो की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले महज एक महीने के भीतर नौकरी तलाशने वाले आईटी प्रोफेशनल्स की संख्या में चार गुना से ज्यादा की भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कंपनियों में भर्ती की रफ्तार सुस्त होने से बाजार में मुकाबला बेहद कड़ा हो गया है, जिससे नई नौकरी पाना एक बड़ी चुनौती बन गया है।
एक महीने में चार गुना बढ़ गई नौकरी तलाशने वालों की फौज
एक्सफेनो की स्टडी बताती है कि जनवरी 2026 से अब तक 20 बड़ी टेक कंपनियों ने वैश्विक स्तर पर 1,000 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी की है। इन कंपनियों से बाहर हुए करीब 56,000 भारतीय प्रोफेशनल्स अब सक्रिय रूप से जॉब ढूंढ रहे हैं। आश्चर्य की बात यह है कि एक महीने पहले यह आंकड़ा सिर्फ 12,000 के करीब था।
रिपोर्ट के अनुसार, एक साल पहले यह संख्या 4,000 से भी कम थी। बाजार के मौजूदा हालातों को देखते हुए केवल नौकरी गंवाने वाले लोग ही परेशान नहीं हैं। अपनी वर्तमान नौकरी की सुरक्षा को लेकर आशंकित कर्मचारी भी अब नए अवसरों की तलाश में जुट गए हैं और लगातार भर्ती एजेंसियों के संपर्क में बने हुए हैं।
कंपनियां कर रही हैं सतर्क खर्च, फ्रेशर्स की बढ़ी मुश्किलें
भारतीय टेक सेक्टर में आई इस सुस्ती की मुख्य वजह वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और कंपनियों द्वारा किया जा रहा सतर्क खर्च है। इसके साथ ही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वजह से बढ़ी उत्पादकता ने भी नए पदों की जरूरत को कम कर दिया है। एक्सफेनो के सीईओ फ्रांसिस पदामादन के मुताबिक, यह माहौल नौकरी चाहने वालों के बिल्कुल अनुकूल नहीं है।
मौजूदा समय में खासकर फ्रेशर्स और सीनियर लेवल के प्रोफेशनल्स के लिए नए अवसर बेहद सीमित हो गए हैं। ज्यादातर टेक कंपनियां अभी नए पद सृजित करने के बजाय केवल खाली हुए पुराने पदों को ही भर रही हैं। इस वजह से उम्मीदवारों के पास विकल्प कम बचे हैं और वे सैलरी पैकेज पर ज्यादा मोलभाव भी नहीं कर पा रहे हैं।
मुश्किल दौर में भी इन खास स्किल्स की बनी हुई है भारी डिमांड
भले ही पूरे टेक बाजार में इस वक्त चुनौतियां काफी बढ़ गई हैं, लेकिन कुछ खास क्षेत्रों में आज भी योग्य प्रोफेशनल्स की मांग बनी हुई है। माइकल पेज इंडिया के क्षेत्रीय निदेशक प्रांशु उपाध्याय के मुताबिक, एआई, साइबर सिक्योरिटी और मल्टीक्लाउड जैसी आधुनिक तकनीकों में महारत रखने वाले युवाओं के लिए बेहतरीन अवसर मौजूद हैं।
अनुभवी प्रोफेशनल्स को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर और उभरते हुए स्टार्टअप्स में आसानी से नई नौकरियां मिल रही हैं। हाल के दिनों में डेलॉइट, वॉलमार्ट ग्लोबल, विप्रो, टेक महिंद्रा, एचसीएलटेक, एक्सेंचर, आईबीएम, माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, सेल्सफोर्स और फ्लिपकार्ट जैसी दिग्गज कंपनियों ने इस तरह की आधुनिक प्रतिभाओं को अपने यहां ऊंचे पदों पर जगह दी है।
सैलरी में कटौती कराने को भी तैयार बैठे हैं उम्मीदवार
टेक सेक्टर में छाई इस अनिश्चितता का असर अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी साफ देखा जा सकता है। रेडिट पर अपने अनुभव साझा करते हुए एक प्रभावित कर्मचारी ने लिखा कि छंटनी के बाद वह दो महीने से भटक रहा है, लेकिन उसे इंटरव्यू के लिए एक भी कॉल नहीं आई है। कई अन्य यूजर्स ने भी मौजूदा जॉब मार्केट को इतिहास का सबसे कठिन दौर बताया है।
रोजगार विशेषज्ञों का कहना है कि विपरीत हालातों के बीच उम्मीदवार अब बड़ी सैलरी के बजाय सिर्फ नौकरी मिलने को ज्यादा प्राथमिकता दे रहे हैं। बाजार में मंदी का आलम यह है कि बहुत से लोग नई नौकरी पाने के लिए अपने पुराने वेतन में भारी कटौती स्वीकार करने को भी तैयार हैं, जिससे संकट की गंभीरता साफ झलकती है।
Author: Rajesh Kumar


