अदाणी ग्रुप ने रचा नया इतिहास: वित्त वर्ष 2026 में किया 15 लाख करोड़ का रिकॉर्ड निवेश, एआई और बिजली का दिखेगा महासंगम

Ahmedabad News: अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए एक बेहद ऐतिहासिक और बड़ा वार्षिक संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि आधुनिक इतिहास में पहले हमेशा फिजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर आता था, जिसके बाद ही टेक्नोलॉजी का आगमन होता था। लेकिन आज के डिजिटल युग में दोनों एक-दूसरे के पूरक बन चुके हैं।

गौतम अदाणी के मुताबिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के सोचने से पहले हमेशा ऊर्जा का प्रवाह होना बहुत आवश्यक है। डेटा के संचलन से पहले मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर खड़ा होना चाहिए। इसी दूरदर्शी दृष्टिकोण के साथ अदाणी समूह का पूरा पोर्टफोलियो अब फिजिकल और डिजिटल दुनिया को आपस में जोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है।

एक सिस्टम में जुड़ेंगे ऊर्जा, तकनीक और बुनियादी ढांचे

चेयरमैन ने जोर देकर कहा कि प्रतिस्पर्धात्मक लाभ का अगला दौर सिर्फ बिखरे हुए हितों वाले संगठनों का बिल्कुल नहीं होगा। आने वाला समय उन संगठनों का होगा जो बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, आधुनिक प्रौद्योगिकी और सटीक क्रियान्वयन को एक साथ एक ही एकीकृत प्रणाली में संयोजित करने की अद्भुत क्षमता रखते हैं।

एआई के तकनीकी चर्चा में आने से बहुत पहले ही अदाणी समूह ने इसका भौतिक आधार बनाना शुरू कर दिया था। वित्त वर्ष 2026 के आंकड़े इस बेहतरीन रणनीति को साफ तौर पर दर्शाते हैं। अदाणी समूह ने इस साल 15 लाख करोड़ रुपए से अधिक का एक रिकॉर्ड निवेश भारतीय बाजार में किया है।

नवीकरणीय ऊर्जा में हासिल की बड़ी कामयाबी

इस बड़े निवेश कार्यक्रम के तहत समूह की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता अब बढ़कर 19.3 गीगावाट से अधिक हो गई है। इस साल इसमें 5.1 गीगावाट की बड़ी वृद्धि देखी गई है। इसके साथ ही कंपनी की ट्रांसमिशन ऑर्डर बुक भी तेजी से बढ़कर अब 71,779 करोड़ रुपए के पार पहुंच चुकी है।

अदाणी पोर्ट्स ने इस दौरान 5 करोड़ टन से अधिक के कार्गो का सफल संचालन किया है। वहीं नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नया निर्माण कार्य भी तेजी से आगे बढ़ा है। यह प्रोजेक्ट कंपनी के एकीकृत परिवहन और मजबूत कनेक्टिविटी नेटवर्क के दृष्टिकोण को मजबूती से आगे बढ़ाता है।

2030 तक डेटा सेंटर बनाने का है बड़ा लक्ष्य

कंपनी का डेटा सेंटर व्यवसाय साल 2030 तक 2 गीगावाट के विशाल प्लेटफॉर्म की ओर लगातार आगे बढ़ रहा है। गौतम अदाणी ने कहा कि ये सभी बड़ी उपलब्धियां भारत के विकास के अगले चरण की मजबूत नींव रखने के एक बेहद सुनियोजित प्रयास का हिस्सा हैं, जो एक-दूसरे को सुदृढ़ करेंगी।

आज दुनिया भर के देश ऊर्जा सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला और एआई की बुनियादी ढांचागत मांगों का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में तकनीकी नेतृत्व की यह दौड़ बुनियादी ढांचे की तैयारी की होड़ बनती जा रही है। भारत पुरानी प्रणालियों को सुधारने के बजाय दोनों इन्फ्रास्ट्रक्चर एक साथ विकसित कर रहा है।

Author: Rajesh Kumar

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