बस्तर के दुर्गम पहाड़ों को चीरकर बड़ेपल्ली गांव पहुंची डॉक्टरों की टीम, घने जंगलों के बीच हुआ बड़ा चमत्कार।

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर क्षेत्र में जनसेवा की एक नई और सुखद तस्वीर सामने आई है। दंतेवाड़ा जिले के घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच स्थित बड़ेपल्ली गांव में स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित पहुंच सुनिश्चित की गई है।

यह गांव पहले भौगोलिक कठिनाइयों के कारण सरकारी सुविधाओं से पूरी तरह कटा हुआ था। अब राज्य सरकार की सक्रिय पहल से इस क्षेत्र के ग्रामीणों को सीधा लाभ मिल रहा है। स्वास्थ्य विभाग की विशेष टीम ने इस बदलाव को धरातल पर उतारा है।

मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के तहत डॉक्टरों की टीम ने कमाल कर दिया। टीम के जांबाज सदस्यों ने 13 किलोमीटर लंबा कठिन पहाड़ी मार्ग पैदल ही तय किया। वे पथरीले रास्तों से गुजरकर बड़ेपल्ली गांव पहुंचे और वहां एक विशाल स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया।

शिविर में सैकड़ों आदिवासियों का हुआ मुफ्त इलाज

इस ऐतिहासिक स्वास्थ्य शिविर में कुल 227 आदिवासी ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई। डॉक्टरों ने मौके पर ही मलेरिया, सिकल सेल और हीमोग्लोबिन की गहन स्क्रीनिंग की। इसके अलावा मरीजों में मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों की भी समय पर पहचान की गई।

मेडिकल टीम ने जरूरतमंद मरीजों को मौके पर ही तुरंत उपचार उपलब्ध कराया। गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को निशुल्क दवाइयां भी वितरित की गईं। इस मानवीय प्रयास ने स्थानीय ग्रामीणों के चेहरों पर एक नई मुस्कान बिखेर दी है।

शिविर में डॉक्टरों ने महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। जांच के दौरान एक अत्यधिक हाई-रिस्क गर्भवती महिला की पहचान की गई। डॉक्टरों ने सुरक्षित प्रसव के लिए उसे तुरंत एम्बुलेंस से जिला अस्पताल रेफर कर दिया।

गंभीर रूप से बीमार मरीज बड़े अस्पतालों में रेफर

इसके अलावा उच्च रक्तचाप और मधुमेह से पीड़ित 12 अन्य गंभीर मरीजों की भी पहचान हुई। मेडिकल टीम ने बेहतर इलाज के लिए उन्हें तुरंत बड़े स्वास्थ्य केंद्रों में भेज दिया। समय पर मिले इस इलाज से कई लोगों की जान बच गई।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस साहसिक अभियान की जमकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि सरकार बस्तर के दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने के लिए लगातार काम कर रही है। ग्रामीणों को उनके घर के पास ही इलाज मिल रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इलाज के साथ-साथ ग्रामीणों को जागरूक भी किया। अधिकारियों ने लोगों को आयुष्मान भारत योजना, बेहतर पोषण, स्वच्छता और सुरक्षित मातृत्व के नियम समझाए। सरकार अब आदिवासियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाकर उनका भरोसा जीत रही है।

Author: Anjali Sahu

Hot this week

Related Articles

Popular Categories