World News: ईरान के साथ जारी भीषण तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में एक बेहद महत्वपूर्ण हाई-लेवल बैठक की है। करीब दो घंटे तक चली इस गोपनीय बैठक में तेहरान के साथ होने वाली संभावित शांति डील पर गहन चर्चा की गई।
व्हाइट हाउस के एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने इस महामंथन के बाद बड़ा खुलासा किया है। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रंप केवल वही समझौता स्वीकार करेंगे जो पूरी तरह से अमेरिका के राष्ट्रीय हितों के पक्ष में होगा और वाशिंगटन द्वारा तय की गई सभी सख्त शर्तों को पूरा करेगा।
अधिकारी ने सख्त लहजे में कहा कि ट्रंप प्रशासन किसी भी कीमत पर ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को बर्दाश्त नहीं करेगा। अमेरिका तेहरान को कभी भी घातक परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देगा। बैठक से पहले खुद ट्रंप ने कहा था कि वह ईरान के साथ अंतिम फैसले के करीब हैं।
हालांकि, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ हुई इस दो घंटे की मैराथन बैठक के बाद भी कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका है। बैठक में ईरान के साथ जारी युद्धविराम की अवधि को आगे बढ़ाने और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने पर अंतिम सहमति नहीं बनी।
व्हाइट हाउस की अपनी शर्तें, ईरान बोला- दबाव में बातचीत का दौर खत्म
व्हाइट हाउस जहां इस समझौते को एक बड़ी कूटनीतिक जीत की तरह देख रहा है, वहीं ईरान ने अमेरिका के सभी दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि दोनों देशों के बीच केवल राजनयिक संवाद और विचार-विमर्श जारी है।
ईरानी प्रवक्ता ने दोटूक शब्दों में कहा कि अमेरिका के साथ अभी तक कोई अंतिम समझौता नहीं हुआ है। उन्होंने वाशिंगटन द्वारा थोपी जा रही एकतरफा शर्तों के तहत बातचीत करने के दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ईरान ने 47 साल पहले ही किसी की हुक्म देने वाली भाषा को अलविदा कह दिया था।
इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संभावित इंटरनेशनल समझौते की एक व्यापक रूपरेखा दुनिया के सामने प्रस्तुत की थी। ट्रंप के मुताबिक, इस डील के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को समुद्री जहाजों के सुरक्षित यातायात के लिए फिर से खोला जाना है और अमेरिकी नाकेबंदी को हटाया जाना है।
ईरान ने ट्रंप के दावों को बताया झूठ का पुलिंदा, मिडिल ईस्ट में तनाव जारी
ईरान की सरकारी मीडिया और समाचार एजेंसी ‘फ़ार्स’ ने ट्रंप के इस आधिकारिक बयान को सच और झूठ का एक अजीब मिश्रण करार दिया है। तेहरान ने अपनी संवर्धित परमाणु सामग्री के भविष्य और होर्मुज जलडमरूमध्य के आवागमन नियमों से जुड़े अमेरिकी दावों को पूरी तरह मनगढ़ंत बताया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान किसी भी समझौते पर हस्ताक्षर करने से पहले विदेशों के बैंकों में फ्रीज की गई अपनी अरबों डॉलर की संपत्तियों को तुरंत रिहा करने की जिद पर अड़ा हुआ है। इस कूटनीतिक गतिरोध के बीच पूरे पश्चिम एशिया (Middle East) में युद्ध के बादल मंडरा रहे हैं।
अमेरिका और ईरान हालिया युद्धविराम के उल्लंघन को लेकर एक-दूसरे पर लगातार गंभीर आरोप लगा रहे हैं। दूसरी ओर, लेबनान में इजराइल और ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह के बीच भीषण जमीनी जंग जारी है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इजराइली सेना को लेबनान के और अंदर घुसने के आदेश दिए हैं।
Author: Pallavi Sharma


