Himachal News: हिमाचल प्रदेश के शिमला से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है। शिक्षा विभाग ने जिले के 19 सरकारी स्कूलों को बंद कर दिया है। इन स्कूलों में पिछले डेढ़ महीने से एक भी बच्चे ने दाखिला नहीं लिया था। सरकार का यह फैसला शिक्षा व्यवस्था की कड़वी सच्चाई को दिखाता है। अब इन खाली पड़े स्कूलों का सारा सामान समेटा जा रहा है। यहां तैनात शिक्षकों को दूसरी जगह भेजा जाएगा।
शून्य दाखिले वाले स्कूलों पर गिरी गाज
शिक्षा विभाग ने खाली पड़े स्कूलों को बंद करने का बड़ा फैसला लिया है। शिमला जिले में ऐसे स्कूलों की संख्या सबसे ज्यादा पाई गई है। बंद होने वाले स्कूलों में 16 प्राथमिक और तीन मिडल स्कूल शामिल हैं। कई स्कूलों में लंबे समय से शिक्षकों की भारी कमी चल रही थी। बिना शिक्षकों के कारण अभिभावकों ने बच्चों का दाखिला नहीं करवाया। इसके चलते विभाग को इन सरकारी इमारतों पर ताला लगाना पड़ा।
सराहन ब्लॉक में सबसे ज्यादा स्कूल हुए बंद
शिक्षा विभाग के सचिव राकेश कंवर ने शुक्रवार शाम अधिसूचना जारी की। आदेश के मुताबिक सराहन शिक्षा खंड के पांच स्कूल बंद किए गए हैं। जुब्बल ब्लॉक के दो स्कूलों पर भी ताला लटक गया है। ठियोग, रामपुर, सुन्नी, टिक्कर और देहा का एक-एक स्कूल सूची में शामिल है। रंसार, शिमला-3, मशोबरा और नेरवा का एक-एक प्राइमरी स्कूल भी बंद हुआ है। वहीं, चौपाल, जुब्बल और छोहारा का एक-एक मिडल स्कूल बंद किया गया है।
शिक्षकों और सरकारी संपत्ति का क्या होगा?
विभाग ने साफ किया है कि स्कूलों का कीमती सामान बर्बाद नहीं होगा। स्कूलों का पूरा रिकॉर्ड, फर्नीचर और अन्य सामग्री सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होगी। इन स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों को नए आदेश जारी हुए हैं। अब इन शिक्षकों को स्टाफ की कमी वाले स्कूलों में भेजा जाएगा। इससे दूसरे स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई बेहतर होने की उम्मीद है। विभाग इस पूरी प्रक्रिया पर अपनी पैनी नजर रख रहा है।

