डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर सनसनीखेज बयान: ‘यह युद्ध नहीं, सिर्फ जवाब है’, भारत-पाकिस्तान विवाद सुलझाने का भी किया बड़ा दावा

Washington News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी सैन्य तनाव पर पूरी दुनिया को चौंकाने वाला बयान दिया है। गुरुवार को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वह हालिया सैन्य टकराव को युद्ध की श्रेणी में नहीं रखते हैं। उनके मुताबिक अमेरिका ने केवल ईरान की आक्रामकता का करारा जवाब दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि उनकी रणनीतिक कार्रवाई के बाद अब ईरान पूरी तरह घुटनों पर आ चुका है।

ईरान की सैन्य और परमाणु शक्ति पूरी तरह ध्वस्त

राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईरान को हुए भारी नुकसान के आंकड़े भी पेश किए। उन्होंने बताया कि अमेरिकी हमलों ने ईरानी नौसेना और वायुसेना की कमर तोड़ दी है। ट्रंप के अनुसार अब ईरान का ड्रोन निर्माण कार्यक्रम 82 प्रतिशत तक गिर चुका है। सबसे बड़ा दावा ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर किया गया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई ने तेहरान के परमाणु सपनों को पूरी तरह निष्क्रिय कर दिया है और उनके पास अब कोई विकल्प नहीं बचा है।

भारत-पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता का बड़ा खुलासा

इसी संबोधन के दौरान ट्रंप ने दक्षिण एशिया में अपनी कूटनीतिक जीत का बखान किया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने टैरिफ और कड़े आर्थिक प्रतिबंधों का डर दिखाकर भारत और पाकिस्तान को शांत कराया। ट्रंप के मुताबिक उन्होंने दोनों देशों को चेतावनी दी थी कि जंग जारी रहने पर उन्हें गंभीर आर्थिक परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने कहा कि उनके इस सख्त हस्तक्षेप की वजह से ही क्षेत्र में एक बहुत बड़ी परमाणु तबाही को समय रहते टाल दिया गया।

‘ऑपरेशन सिंदूर’ और टैरिफ का दिखाया डर

ट्रंप ने विशेष रूप से पिछले साल भारत द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन ने पड़ोसी देश की सैन्य क्षमता को भारी क्षति पहुंचाई थी। तनाव बढ़ते देख ट्रंप ने आर्थिक हथियारों का इस्तेमाल करने का मन बनाया था। राष्ट्रपति का मानना है कि वैश्विक विवादों को सुलझाने में उनकी शैली काफी प्रभावी रही है। उन्होंने यह भी बताया कि अब तक आठ अंतरराष्ट्रीय विवादों को वे सफलतापूर्वक हल कर चुके हैं।

ईरान की बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसेना की सख्त घेराबंदी

आर्थिक मोर्चे पर ईरान को घेरने की रणनीति अब रंग ला रही है। ट्रंप ने संकेत दिया कि अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी पूरी तरह सफल रही है। इस नेवल ब्लॉकेड ने ईरान की अर्थव्यवस्था को बर्बादी की कगार पर पहुंचा दिया है। ट्रंप के अनुसार अब ईरान के पास बातचीत की मेज पर आने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। अमेरिका फिलहाल ईरान की हर छोटी-बड़ी गतिविधि पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है और कड़ाई कम नहीं करेगा।

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