शादी के सीजन में गैस की किल्लत? सरकार का बड़ा फैसला, अब राशन की दुकान पर मिलेगा 100 किलो कोयला!

Bihar News: राज्य में एलपीजी सिलेंडर की भारी कमी और शादी-विवाह के सीजन में बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) से जुड़े लाभार्थियों को राशन की दुकानों से कुकिंग कोयला दिया जाएगा। सरकार ने खाना बनाने के लिए वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में कोयला उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। इससे गैस की अस्थायी कमी से जूझ रहे हजारों परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत लिया गया फैसला

अपर समाहर्ता सह जिला आपूर्ति पदाधिकारी अनिल कुमार सिन्हा ने इस महत्वपूर्ण योजना की विस्तृत जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के प्रावधानों का उपयोग करते हुए यह निर्णय लिया गया है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने इस संबंध में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। जिला प्रशासन ने इस वैकल्पिक व्यवस्था को लागू करने के लिए अपनी जमीनी तैयारी और पहल भी बहुत तेजी से शुरू कर दी है।

हर परिवार को मिलेगा 1 क्विंटल कुकिंग कोयला

राज्य सरकार की नई योजना के अनुसार पात्र लाभार्थी परिवारों को हर महीने भारी मात्रा में कोयला मिलेगा। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आने वाले प्रत्येक परिवार को प्रतिमाह 100 किलोग्राम यानी एक क्विंटल कोयला देने की पात्रता होगी। यह वितरण पूरी तरह से लक्षित जन वितरण प्रणाली (PDS) की दुकानों के माध्यम से किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि ईंधन की कमी के कारण किसी भी गरीब परिवार के घर का चूल्हा ठंडा न पड़े।

ई-पॉस मशीन और बायोमेट्रिक से होगा पारदर्शी वितरण

कोयला वितरण की पूरी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए ई-पॉस मशीनों का सहारा लिया जाएगा। सबसे पहले जन वितरण प्रणाली के विक्रेता बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए अपना स्टॉक प्राप्त करेंगे। इसके बाद लाभुकों को भी अपना अंगूठा लगाकर और बायोमेट्रिक पहचान देकर ही कोयला मिल सकेगा। वितरण के तुरंत बाद मशीन से एक पर्ची निकलेगी, जिसमें कोयले की सटीक मात्रा और उसका निर्धारित मूल्य साफ-साफ लिखा होगा।

अधिकारियों को समय सीमा में काम पूरा करने के निर्देश

जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने संबंधित विभागों को इस योजना को सुचारू रूप से चलाने के कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी प्रशासनिक और तकनीकी कार्यवाही को एक निश्चित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। इस व्यवस्था से एलपीजी की कमी के दौरान विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में खाना बनाने में बहुत सहूलियत मिलेगी। प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर है कि कोयले की कालाबाजारी न हो और सही व्यक्ति को इसका लाभ मिले।

जिले में सिलेंडर का स्टॉक और होम डिलीवरी की स्थिति

वर्तमान में जिले के पास 26,050 डोमेस्टिक और 1,182 कमर्शियल गैस सिलिंडरों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। प्रशासन ने पिछले 24 घंटों के भीतर ही रिकॉर्ड 6,976 सिलिंडरों की होम डिलीवरी सफलतापूर्वक सुनिश्चित कराई है। इस दौरान गैस वितरण को लेकर कुल 10 शिकायतें मिली थीं, जिन्हें तुरंत संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों को भेज दिया गया है। सरकार गैस आपूर्ति को सामान्य बनाने के साथ-साथ कोयले के विकल्प पर भी जोर दे रही है।

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