World News: मिडिल ईस्ट में हालात अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गए हैं। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अमेरिका से एक बहुत बड़ी गुजारिश की है। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ईरान के खिलाफ युद्ध जारी रखने की अपील की है। प्रिंस सलमान ने इसे मिडिल ईस्ट का भूगोल बदलने का एक ऐतिहासिक अवसर बताया है। वह चाहते हैं कि अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान के नेतृत्व को पूरी तरह से खत्म कर दें।
ईरान पर सैन्य हमले जारी रखने की जोरदार पैरवी
सऊदी अरब ईरान को खाड़ी क्षेत्र के लिए सबसे बड़ा दीर्घकालिक खतरा मानता है। हालिया बातचीत में क्राउन प्रिंस ने ईरान के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है। उन्होंने जमीनी सैन्य अभियान की संभावनाओं पर भी ट्रंप के साथ गंभीर चर्चा की है। हालांकि सऊदी सरकार ने आधिकारिक तौर पर लंबे युद्ध की वकालत से साफ इनकार किया है। सऊदी अरब का कहना है कि वह हमेशा से शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर रहा है। लेकिन वह अपने नागरिकों और बुनियादी ढांचे की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।
तेल ठिकानों और बुनियादी ढांचे पर बड़े खतरे का डर
इस भीषण युद्ध से वैश्विक ऊर्जा बाजार बुरी तरह चरमरा गया है। वाशिंगटन और रियाद के अधिकारियों को अब एक बड़े खतरे का डर सता रहा है। उन्हें लगता है कि एक लंबा संघर्ष सऊदी अरब के तेल ठिकानों को बर्बाद कर सकता है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे अहम व्यापारिक रास्तों पर भारी असर डाला है। विश्लेषकों का स्पष्ट मानना है कि एक अधूरा सैन्य अभियान ईरान को और ज्यादा खतरनाक बना देगा। इससे खाड़ी क्षेत्र में बार-बार बड़े हमले होने की आशंका काफी बढ़ जाएगी।
खामेनेई की मौत के बाद खाड़ी में भड़की भयंकर आग
अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी से ईरान पर भयानक संयुक्त हमले शुरू किए हैं। इन भीषण हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो चुकी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर नया समझौता थोपने के लिए यह कड़ा दबाव बनाया था। इसके जवाब में ईरान ने भी पूरे खाड़ी क्षेत्र में अपने जवाबी हमले तेज कर दिए हैं। इस भयंकर खूनी संघर्ष ने मिडिल ईस्ट को एक भयानक युद्ध के गहरे दलदल में धकेल दिया है।
ट्रंप का बड़ा दावा और सीक्रेट शांति वार्ता की गूंज
व्हाइट हाउस ने दोनों नेताओं की इस गुप्त बातचीत पर कोई भी टिप्पणी नहीं की है। लेकिन इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद चौंकाने वाली घोषणा कर दी है। उन्होंने ईरानी बिजली संयंत्रों पर होने वाले हमलों को पांच दिनों के लिए रोक दिया है। ट्रंप का दावा है कि तेहरान के साथ उनकी बहुत सकारात्मक और सार्थक बातचीत चल रही है। उन्होंने ईरान के एक बेहद सम्मानित शीर्ष नेता से संवाद का बड़ा दावा किया है। हालांकि ट्रंप ने इस रहस्यमयी नेता के नाम का खुलासा करने से साफ इनकार कर दिया है।


