मिडिल ईस्ट में महाधमाका, डोनाल्ड ट्रंप की एक गुप्त सीक्रेट डील से रातों-रात पलटी बाजी, जानिए क्या हुआ समझौता

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World News: अमेरिका और ईरान के बीच पिछले चार महीने से जारी भीषण सैन्य टकराव को रोकने के लिए एक अप्रत्याशित समझौता हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस शुरुआती समझौते की पुष्टि की है। इस कूटनीतिक सफलता ने पूरी दुनिया के बाजारों में बड़ी हलचल पैदा कर दी है।

इस बड़े समझौते के तहत दोनों देश सभी मोर्चों पर जारी सैन्य कार्रवाइयों को तुरंत रोकेंगे। लेबनान फ्रंट को भी इस युद्ध विराम व्यवस्था में पूरी तरह शामिल किया गया है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह ईरान के किसी भी घरेलू मामले में अब कोई दखल नहीं देगा।

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलने से वैश्विक व्यापार को मिलेगी बड़ी राहत

इस ऐतिहासिक समझौते का सबसे सकारात्मक असर ईरान के समुद्री रास्तों पर दिखाई देगा। अमेरिकी नौसेना ईरानी बंदरगाहों पर की गई अपनी नाकेबंदी को पूरी तरह हटाएगी। अगले तीस दिनों के भीतर रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सभी मालवाहक जहाजों के लिए दोबारा पूरी तरह खोल दिया जाएगा।

पिछले कई महीनों से जारी भयंकर तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय जहाजों की परिवहन लागत बहुत बढ़ गई थी। इस समुद्री रास्ते के पूरी तरह चालू होते ही एशिया और यूरोप के बीच व्यापार सामान्य हो जाएगा। इससे अंतरराष्ट्रीय तेल और गैस बाजार को बहुत बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

प्रतिबंधों में बड़ी छूट और अरबों डॉलर का मिलेगा आर्थिक पैकेज

ईरान के आर्थिक संकट को दूर करने के लिए भी इस सौदे में कई अहम कदम उठाए गए हैं। ईरान के तेल निर्यात पर लगी कई कड़ी पाबंदियों को चरणबद्ध तरीके से खत्म किया जाएगा। इससे ईरान को अपनी रुकी हुई तेल कमाई तक दोबारा सीधी पहुंच बनाने का मौका मिलेगा।

अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान के पुनर्निर्माण के लिए करीब तीन सौ अरब डॉलर की वित्तीय मदद देंगे। हालांकि यह बड़ी रकम कई कड़ी शर्तों के आधार पर दी जाएगी। इसके साथ ही विभिन्न बैंकों में फ्रीज पड़ी चौबीस अरब डॉलर की संपत्ति भी वापस की जाएगी।

अगले साठ दिनों तक चलेगी दोनों देशों के बीच परमाणु वार्ता

सैन्य टकराव टलने के बाद भी परमाणु कार्यक्रम से जुड़े मुख्य विवादों पर अब भी सस्पेंस बरकरार है। ईरान ने एनपीटी के तहत परमाणु हथियार न बनाने की बात फिर दोहराई है। दोनों देश आगामी साठ दिनों तक इस संवेदनशील मसले पर लगातार अपनी विस्तृत बातचीत जारी रखेंगे।

इस पूरी बातचीत के दौरान अमेरिका ईरान के खिलाफ कोई भी नया प्रतिबंध या सैन्य कार्रवाई नहीं करेगा। अमेरिकी प्रशासन चाहता है कि उच्च संवर्धित यूरेनियम का भंडार खत्म हो। वहीं ईरान इसे सीमित मात्रा में अपने पास रखना चाहता है, जिस पर आगे चर्चा होगी।

Reported By: Pallavi Sharma

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