Uttar Pradesh News: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज सुनील गावस्कर ने आईपीएल 2026 में मैचों की बढ़ती अवधि और स्लो ओवर रेट को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सामने कड़ी चिंता व्यक्त की है। गावस्कर का मानना है कि मैदान पर अनावश्यक लोगों की आवाजाही और बार-बार होने वाली रुकावटें प्रशंसकों के धैर्य की परीक्षा ले रही हैं। हालांकि बोर्ड ने धीमी ओवर गति के लिए कड़े जुर्माने निर्धारित किए हैं, लेकिन वास्तविकता में मैचों के समय में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है।
मैदान पर बाहरी लोगों की भीड़ से बढ़ रही है देरी
पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने मिड-डे के लिए लिखे अपने लेख में स्पष्ट किया कि खेल के दौरान मैदान पर सपोर्ट स्टाफ की भारी भीड़ जमा हो जाती है। उन्होंने विशेष रूप से रिजर्व खिलाड़ियों द्वारा बाउंड्री पर खड़े फील्डर को पानी की बोतलें देने की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई। गावस्कर के अनुसार, खेल के बीच में मैदान पर 11 से अधिक खिलाड़ियों की मौजूदगी अनुशासनहीनता का प्रतीक है। उन्होंने सुझाव दिया कि अनावश्यक हस्तक्षेप को रोकने के लिए नियमों को और अधिक कड़ा किया जाना चाहिए।
रणनीतिक टाइम-आउट पर गावस्कर का कड़ा रुख
गावस्कर ने स्ट्रेटेजिक टाइम-आउट के दौरान मैदान में आने वाले व्यक्तियों की संख्या पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान में एक समय में छह-छह लोग मैदान में आ जाते हैं, जिनमें वे बल्लेबाज भी शामिल होते हैं जो अभी तक क्रीज पर नहीं उतरे हैं। लिटिल मास्टर के अनुसार, केवल दो रिजर्व खिलाड़ी और कोचिंग स्टाफ के दो सदस्यों को ही मैदान के भीतर जाने की अनुमति दी जानी चाहिए। इस प्रकार की अत्यधिक छूट खेल की गति और अनुशासन दोनों को बुरी तरह प्रभावित कर रही है।
रिची बेनो की सलाह और खेल की मर्यादा का सम्मान
अनुभवी कमेंटेटर ने महान रिची बेनो की सलाह को याद करते हुए मैदान को एक ‘पवित्र स्थान’ बताया। उन्होंने कहा कि मैदान केवल अंपायरों और सक्रिय रूप से खेल रहे खिलाड़ियों के लिए ही सुरक्षित होना चाहिए। गावस्कर ने बीसीसीआई से आग्रह किया है कि बाउंड्री के भीतर कमेटी के सदस्यों और गैर-जरूरी लोगों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाए। उन्होंने स्वयं का उदाहरण देते हुए कहा कि वे पिच रिपोर्ट के अलावा कभी भी मैदान की सीमा के भीतर अनावश्यक कदम नहीं रखते हैं।
बल्लेबाजों पर पेनाल्टी लगाने की गावस्कर ने की मांग
सुनील गावस्कर ने सुझाव दिया कि चूंकि सभी बल्लेबाज डगआउट में होते हैं, इसलिए उनके मैदान पर आने का समय 2 मिनट से घटाकर 1 मिनट किया जाना चाहिए। यदि कोई बल्लेबाज निर्धारित समय में गेंदबाज का सामना करने के लिए तैयार नहीं होता है, तो अंपायरों को दो चेतावनी के बाद पेनल्टी रन लगाने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि बोर्ड जल्द ही इन सुझावों पर अमल करेगा ताकि क्रिकेट की पवित्रता और प्रशंसकों का मनोरंजन दोनों ही मैदान पर सुरक्षित रह सकें।


