Sports News: आईपीएल के खिताबी मुकाबले के भारी दबाव में गुजरात टाइटंस की बल्लेबाजी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। आरसीबी के बेहद आक्रामक गेंदबाजी आक्रमण के सामने शुभमन गिल, जोस बटलर और साई सुदर्शन जैसे धुरंधर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बड़ा स्कोर बनाने में पूरी तरह नाकाम रहे।
अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले जा रहे इस फाइनल मैच में गुजरात की टीम निर्धारित ओवरों में केवल 155 रन ही बना सकी। खिताबी मुकाबले के इतिहास को देखें तो फाइनल मैचों में टीमों ने अक्सर बड़े स्कोर बनाए हैं।
विराट कोहली और रजत पाटीदार जैसे फॉर्म में चल रहे स्टार बल्लेबाजों से सजे आरसीबी के मजबूत बैटिंग ऑर्डर के सामने अब गुजरात टाइटंस की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं। गुजरात के गेंदबाजों को अब इस छोटे स्कोर को बचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाना होगा।
आईपीएल इतिहास में मुंबई इंडियंस ने डिफेंड किए थे मात्र 129 रन
क्रिकेट प्रेमियों के मन में यह सवाल जरूर घूम रहा है कि क्या आईपीएल फाइनल में कभी इससे भी छोटा स्कोर डिफेंड हुआ है। क्रिकेट अनिश्चितताओं का खेल है और मजबूत इरादों से किसी भी नामुमकिन लक्ष्य को मुमकिन बनाया जा सकता है।
साल 2017 के खिताबी मुकाबले में मुंबई इंडियंस की टीम ने इस बात को सच साबित करके दिखाया था। तब मुंबई की टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बोर्ड पर केवल 129 रनों का बेहद मामूली स्कोर खड़ा किया था।
जीत के लिए मिले इस छोटे से लक्ष्य के सामने राइजिंग पुणे सुपर जायंट्स की टीम चैंपियन बनने की प्रबल दावेदार दिख रही थी। लेकिन मुंबई के गेंदबाजों ने अपनी सटीक लाइन-लेंथ से मैच का पूरा पासा ही पलट दिया था।
जॉनसन और बुमराह ने ढाया था पुणे के खिलाफ कहर
उस ऐतिहासिक फाइनल मुकाबले में मिचेल जॉनसन और जसप्रीत बुमराह ने घातक गेंदबाजी करते हुए पुणे सुपर जायंट्स के मजबूत बैटिंग ऑर्डर को तहस-नहस कर दिया था। मुंबई इंडियंस ने वह सांस रोक देने वाला मैच आखिरी गेंद पर महज एक रन से जीता था।
मुंबई ने 129 रनों का सबसे छोटा स्कोर डिफेंड करके आईपीएल की चमचमाती ट्रॉफी अपने नाम की थी। वर्तमान सीजन के फाइनल मैच में गुजरात टाइटंस ने फिर भी सम्मानजनक 155 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया है।
आईपीएल इतिहास में फाइनल के दौरान डिफेंड होने वाले सबसे कम स्कोर का रिकॉर्ड बेहद दिलचस्प है। इस सूची में पहले नंबर पर मुंबई इंडियंस है, जिसने साल 2017 में राइजिंग पुणे सुपर जायंट्स के खिलाफ सफलतापूर्वक 129 रन बचाए थे।
डेक्कन चार्जर्स ने भी आरसीबी के खिलाफ किया था कमाल
इस अनूठी सूची में दूसरे स्थान पर डेक्कन चार्जर्स की टीम का नाम आता है। डेक्कन चार्जर्स ने साल 2009 के फाइनल मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के खिलाफ केवल 143 रनों के छोटे से स्कोर का सफलतापूर्वक बचाव किया था।
इन ऐतिहासिक आंकड़ों से साफ है कि गुजरात की टीम मैच से पूरी तरह बाहर नहीं हुई है। टाइटंस के विश्वस्तरीय गेंदबाज आरसीबी के बल्लेबाजों को शुरुआती झटके देकर खिताबी मुकाबले को बेहद रोमांचक और यादगार बना सकते हैं।
Author: Prem Sharma

