हिमाचल में बड़ा सियासी भूचाल! जयराम ठाकुर के एक बयान से उड़ी सुक्खू सरकार की नींद

Himachal News: हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने अपने गृह क्षेत्र सराज के दुर्गम इलाकों का सघन दौरा किया। उन्होंने ग्रामीणों की जनसमस्याएं सुनीं और कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला। जयराम ठाकुर ने राज्य की सुक्खू सरकार को सिर्फ काम रोकने वाली सरकार बताया है। उन्होंने दावा किया कि जनता पंचायत और आगामी विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को प्रचंड बहुमत से जिताएगी।

सुक्खू सरकार पर बोला जोरदार हमला

जयराम ठाकुर ने राज्य की कांग्रेस सरकार की नीतियों को पूरी तरह जनविरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पिछले चुनाव में जनता को सिर्फ झूठी गारंटियां दी थीं। सत्ता में आते ही इस सरकार ने बदले की भावना से काम करना शुरू कर दिया। पूर्व भाजपा सरकार के दौरान खोले गए दो हजार से अधिक जनहितकारी संस्थानों को तुरंत बंद कर दिया गया। नेता प्रतिपक्ष ने जनता से ऐसी जनविरोधी सरकार को वोट न देने की अपील की।

पंचायत और विधानसभा चुनावों में जीत का दावा

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने सभी पार्टी कार्यकर्ताओं से जमीनी स्तर पर आपसी तालमेल बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सकारात्मक विकास के मुख्य एजेंडे के साथ ही हमें चुनावी मैदान में उतरना होगा। जयराम ठाकुर ने पूरे विश्वास के साथ कहा कि आगामी पंचायत चुनावों में कांग्रेस सरकार को बहुत बड़ा झटका लगने वाला है। आने वाले विधानसभा चुनावों में भी भारतीय जनता पार्टी एक बार फिर प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में जोरदार वापसी करने जा रही है।

केंद्र सरकार की योजनाओं की जमकर तारीफ

नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में हुए विकास का पूरा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिया। उन्होंने कहा कि आज हिमाचल के सुदूर पहाड़ी इलाकों में सड़कों का एक शानदार जाल बिछ चुका है। यह सब केवल केंद्र सरकार के विशेष आर्थिक सहयोग से ही संभव हो सका है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना ने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का जीवन बहुत आसान बना दिया है। इन बेहतरीन योजनाओं के कारण ही लोगों के जीवन स्तर में भारी सुधार आया है।

सराज क्षेत्र को मिली नई सड़क की सौगात

जयराम ठाकुर ने अपनी विधानसभा के अंतर्गत आने वाली अठारह किलोमीटर लंबी नई सड़क का विशेष जिक्र किया। यह सड़क पटकरी, भड़हा, सिल्ह और कशीम्बलीधार जैसे दुर्गम इलाकों को आपस में जोड़ती है। उन्होंने बताया कि इस सड़क का निर्माण चौदह करोड़ रुपये की लागत से हुआ है। इस सड़क से बागी, खुनाची, डगैल और थरापड़ समेत कई अन्य पंचायतों की एक बड़ी आबादी को सीधा फायदा मिल रहा है। यह सड़क उनके कार्यकाल की एक बहुत अहम प्राथमिकता थी।

निर्माण कार्य में पूर्व भाजपा सरकार का योगदान

नेता प्रतिपक्ष ने इस सड़क निर्माण के सभी आंकड़े आम जनता के सामने रखे। उन्होंने बताया कि साल दो हजार अठारह में उनकी भाजपा सरकार ने इस प्रोजेक्ट को मंजूरी दी थी। इसके लिए नाबार्ड से चौदह करोड़ और राज्य सरकार ने दो करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया था। सारी कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद साल दो हजार इक्कीस में इसका काम शुरू हुआ था। अब साल दो हजार पच्चीस में यह सड़क पूरी तरह से बनकर तैयार है।

विरोधियों के मनगढ़ंत सवालों का दिया करारा जवाब

सड़कों के निर्माण पर उठ रहे राजनीतिक सवालों पर जयराम ठाकुर ने कड़ा पलटवार किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक सक्रिय विधायक के तौर पर उन्होंने उनतीस साल तक इन दुर्गम रास्तों को पैदल नापा है। वह आम जनता के दुख-दर्द और परेशानियों को बहुत करीब से समझते हैं। प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने से पहले ही उन्होंने सराज की सभी पंचायतों को सड़क मार्ग से जोड़ दिया था। उनके सफल कार्यकाल में पूरे हिमाचल में बिना किसी भेदभाव के विकास हुआ।

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर साधा निशाना

जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की कार्यप्रणाली की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि सत्ता का असली काम आम जनता की निष्काम सेवा करना होता है। लेकिन वर्तमान सरकार सिर्फ कोरी बयानबाजी करने में अपना समय बर्बाद कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जनता के बीच लगातार सफेद झूठ बोलते हैं। विधानसभा के पवित्र सदन में भी झूठ बोलकर राज्य की भोली-भाली जनता को खुलेआम गुमराह करने का गलत काम तेजी से किया जा रहा है।

चुनाव टालने की कोशिशों पर कसा कड़ा तंज

नेता प्रतिपक्ष ने कांग्रेस सरकार पर न्यायपालिका को भी गुमराह करने का सबसे गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री पद की एक खास गरिमा और मर्यादा होती है। इस मौजूदा सरकार ने पहली बार उस मर्यादा को पूरी तरह से तार-तार कर दिया है। उच्च न्यायालय में भी झूठ का सहारा लेकर चुनाव टालने का हर संभव प्रयास किया गया। लेकिन अदालत में सरकार को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी और उनकी सारी कोशिशें बिल्कुल बेकार साबित हुईं।

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