हिसार के कृषि मेले में सीएम सैनी का बड़ा धमाका! 11 करोड़ के मोटे अनाज केंद्र का तोहफा, किसानों के लिए खोल दी तिजोरी

Haryana News: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हिसार में किसानों को बड़ी सौगात दी है। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय खरीफ कृषि मेले का मुख्यमंत्री ने भव्य शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने गोकुलपुरा में 11 करोड़ 67 लाख रुपये की लागत से तैयार ‘मोटे अनाज अनुसंधान केंद्र’ का उद्घाटन भी किया। यह केंद्र 64 एकड़ में फैला है और खेती की नई दिशा तय करेगा।

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में किसानों को राष्ट्रभक्ति से जोड़ा। उन्होंने कहा कि आज का दिन भावनाओं और संस्कारों का अद्भुत संगम है। उन्होंने देश के लिए बलिदान देने वाले तीन वीर सपूतों को याद किया। सीएम ने कहा कि यह मेला हरियाणा की कृषि शक्ति और हमारे वैज्ञानिकों की दूरदृष्टि का एक शानदार उत्सव है।

सैनी ने हरियाणा के किसानों की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि हरित क्रांति से लेकर आज तक हमारे किसानों ने देश का पेट भरा है। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने जल संरक्षण और स्मार्ट कृषि में बेहतरीन काम किया है। वैज्ञानिकों द्वारा विकसित आधुनिक मशीनें खेती को अब बहुत आसान और पर्यावरण के अनुकूल बना रही हैं।

किसानों के खातों में पहुंचे 7500 करोड़ से ज्यादा

मुख्यमंत्री ने सरकार की योजनाओं का कच्चा चिट्ठा भी जनता के सामने रखा। उन्होंने बताया कि ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’ के तहत हरियाणा के किसानों के खातों में 7562 करोड़ रुपये सीधे भेजे गए हैं। इससे किसानों को खेती के कामों में बड़ी आर्थिक मदद मिली है। सरकार अन्नदाताओं के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

पानी की बचत को लेकर भी सरकार गंभीर नजर आ रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘मेरा पानी मेरी विरासत’ योजना के तहत 157 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जा रही है। उन्होंने जल संरक्षण को एक जन आंदोलन बनाने की जरूरत पर जोर दिया। इसके अलावा पराली प्रबंधन के लिए भी किसानों को आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराई जा रही हैं।

बागवानी खेती करने वाले किसानों के लिए भी अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री ने बताया कि बागवानी बीमा योजना के दायरे में अब 21 फसलों को शामिल किया गया है। इससे फसलों के नुकसान होने पर किसानों को उचित मुआवजा मिल सकेगा। सरकार का यह कदम जोखिम भरी खेती को सुरक्षा कवच प्रदान करेगा।

बजट में सेम ग्रस्त भूमि के लिए बड़ा फैसला

मुख्यमंत्री ने वर्ष 2026-27 के बजट का जिक्र करते हुए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की 1 लाख 40 हजार एकड़ सेम ग्रस्त भूमि को अब पूरी तरह मुक्त किया जाएगा। इस योजना से किसानों की हजारों एकड़ बंजर पड़ी जमीन फिर से उपजाऊ हो सकेगी और उनकी आय में भारी इजाफा होगा।

दो दिवसीय खरीफ कृषि मेले में किसानों को आधुनिक तकनीकों की लाइव जानकारी दी जा रही है। कृषि विभाग की सभी महत्वपूर्ण योजनाओं के स्टॉल यहां लगाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की कि वे इन तकनीकों को अपनाकर अपनी खेती को और भी ज्यादा समृद्ध और लाभप्रद बनाएं।

इस आयोजन से पूरे प्रदेश के किसानों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने किसानों को जलवायु के अनुकूल खेती करने के विशेष टिप्स भी दिए। सरकार का लक्ष्य है कि ‘सतत कृषि’ के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और भी ज्यादा मजबूत किया जाए।

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