Tamil Nadu News: तमिलनाडु की राजनीति में ‘सनातन धर्म’ को लेकर एक बार फिर भीषण संग्राम छिड़ गया है। तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने अपने पुराने विवादित बयान को दोहराते हुए कहा कि सनातन का समूल नाश होना चाहिए। इस बयान के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री विजय सदन में उनके ठीक सामने मौजूद थे। इस घटना ने पूरे देश में एक नई सियासी बहस और वैचारिक टकराव को जन्म दे दिया है।
उदयनिधि स्टालिन का यह रुख कोई नया नहीं है, लेकिन विधानसभा के भीतर इसे दोहराना काफी गंभीर माना जा रहा है। साल 2023 में भी उनके इसी तरह के बयानों पर देशभर में भारी बवाल हुआ था। उस समय भारतीय जनता पार्टी ने उनके खिलाफ बड़े स्तर पर प्रदर्शन किए थे। अब एक बार फिर इस मुद्दे के गरम होने से सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कड़वाहट और ज्यादा बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, उठ रहे हैं सवाल
वरिष्ठ पत्रकार राहुल शिवशंकर ने ‘एक्स’ पर इस घटना का वीडियो साझा कर नई चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने लिखा कि मुख्यमंत्री विजय की मौजूदगी में उदयनिधि स्टालिन सनातन को खत्म करने की बात कह रहे हैं। अब यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि मुख्यमंत्री इस मामले पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं। क्या वे विपक्ष के इस बयान से सनातनी भावनाओं को ठेस पहुंचने पर उदयनिधि की आलोचना करेंगे या चुप्पी साधे रहेंगे?
इससे पहले सितंबर 2023 में उदयनिधि ने एक सम्मेलन में सनातन धर्म की तुलना मच्छर, डेंगू और कोरोना से की थी। उन्होंने कहा था कि सनातन धर्म सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांतों के खिलाफ है। उनके मुताबिक इस धर्म का केवल विरोध करना काफी नहीं है, बल्कि इसे पूरी तरह खत्म करना होगा। उस समय समाज के विभिन्न वर्गों और धार्मिक गुरुओं ने इस भाषा की कड़ी निंदा की थी।
विवादों के बावजूद उदयनिधि स्टालिन ने कभी अपनी टिप्पणियों के लिए माफी नहीं मांगी है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वे अपनी इस बात पर कायम हैं और इसे बार-बार दोहराएंगे। तमिलनाडु के पूर्व खेल एवं युवा मामलों के मंत्री रहे स्टालिन के इस अड़ियल रुख ने बीजेपी को आक्रामक होने का मौका दे दिया है। अब देखना होगा कि सदन के भीतर दिए गए इस ताज़ा बयान पर कानून और राजनीति क्या मोड़ लेती है।


