थलपति विजय का सियासी इम्तिहान: सिनेमा के ‘कमांडर’ की राजनीतिक किस्मत का आज होगा फैसला

Tamil Nadu News: तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के ऐतिहासिक परिणाम आज घोषित किए जाएंगे, जो अभिनेता से नेता बने थलपति विजय के राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करेंगे। राज्य में 23 अप्रैल 2026 को रिकॉर्ड 85.1 प्रतिशत मतदान हुआ, जो जनता के भारी उत्साह को दर्शाता है। विजय की नवगठित पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (TVK) पहली बार चुनावी मैदान में उतरी है। आज के नतीजे स्पष्ट करेंगे कि क्या जनता पारंपरिक द्रविड़ राजनीति से आगे बढ़कर किसी नए नेतृत्व को स्वीकार करेगी।

सिनेमाई पर्दे से राजनीति के अखाड़े तक का सफर

विजय ने अपने फिल्मी सफर की शुरुआत ‘नालैया थीरपू’ से की थी, जो बॉक्स ऑफिस पर असफल रही थी। हालांकि, उन्होंने हार नहीं मानी और ‘घिल्ली’, ‘थुप्पाकी’ और ‘मर्सल’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के जरिए विशाल फैन बेस बनाया। उनकी ऑन-स्क्रीन छवि हमेशा से एक जागरूक जननायक की रही है। फरवरी 2024 में उन्होंने सिनेमा से संन्यास लेकर सार्वजनिक जीवन में प्रवेश किया। विजय ने अपनी पार्टी का लक्ष्य स्पष्ट रूप से तमिलनाडु के विकास को बताया है।

बॉक्स ऑफिस के बादशाह और ‘मास हीरो’ की छवि

साल 2004 में आई फिल्म ‘घिल्ली’ ने 500 मिलियन रुपये से अधिक की कमाई कर नया इतिहास रचा था। इस फिल्म ने एमजीआर जैसे दिग्गजों के पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए थे। इसके बाद विजय ने ‘मास्टर’, ‘लियो’ और ‘मर्सल’ जैसी लगातार सफल फिल्में दीं। उन्होंने अपने करियर में कुल 68 फिल्मों में काम किया है। उनके प्रशंसक उन्हें सम्मान से ‘थलपति’ यानी कमांडर कहकर पुकारते हैं। यही लोकप्रियता अब उनकी राजनीतिक ताकत का मुख्य आधार बनी है।

फिल्मों के जरिए दिया राजनीतिक संदेश

विजय की फिल्मों में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दे हमेशा से प्रमुख रहे हैं। फिल्म ‘थलाइवा’ की टैगलाइन “Time to Lead” ने उनके राजनीतिक इरादों को काफी पहले ही जाहिर कर दिया था। इसके बाद ‘सरकार’ और ‘कत्थी’ जैसी फिल्मों ने व्यवस्था पर कड़े प्रहार किए। उनकी अंतिम फिल्म ‘जन नायकन’ का शीर्षक भी सीधे तौर पर ‘लोगों के नेता’ को समर्पित था। सिनेमा के जरिए समाज को संदेश देने के बाद, उन्होंने अब सीधे बदलाव लाने का फैसला किया है।

तमिलनाडु की पारंपरिक राजनीति के लिए बड़ी चुनौती

तमिलनाडु में दशकों से डीएमके और एआईएडीएमके जैसी द्रविड़ पार्टियों का वर्चस्व रहा है। विजय की पार्टी के उदय ने इस द्विध्रुवीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। युवा मतदाता और विजय के कट्टर प्रशंसक इस बार बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं। भारी मतदान प्रतिशत को विजय के पक्ष में एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। आज आने वाले आंकड़े यह तय करेंगे कि तमिलनाडु में सिनेमाई सितारों का राजनीतिक दबदबा आगे भी कायम रहेगा।

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