New Delhi News: डच जहाज एमवी होंडियस (MV Hondius) पर खतरनाक हंटावायरस संक्रमण फैलने से भारी हड़कंप मच गया है। इस लग्जरी क्रूज शिप पर अब तक कई मामलों की पुष्टि हो चुकी है और तीन यात्रियों की दर्दनाक मौत हो गई है। सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि इस जहाज के चालक दल में दो भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस गंभीर स्थिति पर निगरानी बढ़ा दी है, लेकिन यह स्पष्ट किया है कि यह प्रकोप किसी नई महामारी की शुरुआत बिल्कुल नहीं है।
अर्जेंटीना से शुरू हुई थी जानलेवा क्रूज यात्रा
ओशनवाइड एक्सपीडिशंस द्वारा संचालित यह जहाज एक अप्रैल को अर्जेंटीना के उशुआइया से अपनी यात्रा पर निकला था। वर्तमान में यह जहाज स्पेन के कैनरी आइलैंड्स की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, इस जहाज पर 23 अलग-अलग देशों के 149 यात्री और क्रू सदस्य सवार थे। इनमें से कई लोग 24 अप्रैल को सेंट हेलेना द्वीप पर उतर गए थे। इस जहाज पर सवार लोगों में ब्रिटेन, अमेरिका, नीदरलैंड्स, स्पेन और जर्मनी सहित विभिन्न देशों के नागरिक शामिल थे।
भारतीय क्रू मेंबर्स की स्थिति और डब्ल्यूएचओ की चेतावनी
इस खतरनाक वायरस से संक्रमित मरीजों में मुख्य रूप से एंडीज स्ट्रेन पाया गया है, जो दुर्लभ मामलों में इंसानों से इंसानों में फैल सकता है। जहाज पर मौजूद दो भारतीय क्रू सदस्यों की स्वास्थ्य स्थिति के बारे में अभी कोई आधिकारिक और विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। डब्ल्यूएचओ ने चेतावनी दी है कि बेहद करीबी संपर्क के कारण जहाज पर संक्रमण फैलने का खतरा बना हुआ है। इसलिए सभी आवश्यक चिकित्सा सावधानियां और सुरक्षा प्रोटोकॉल सख्ती से अपनाए जा रहे हैं।
भारत के लिए तत्काल कोई बड़ा स्वास्थ्य खतरा नहीं
क्रूज शिप पर मौजूद हंटावायरस को लेकर भारतीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों को आश्वस्त किया है। आइसीएमआर (ICMR) के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी के डायरेक्टर डॉ. नवीन कुमार ने स्पष्ट किया है कि भारत को अभी कोई सीधा खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि देश में अभी तक इसके कम्युनिटी स्प्रेड का कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। डॉ. कुमार ने जोर देकर बताया कि कोविड-19 के विपरीत हंटावायरस लोगों के बीच आसानी से हवा के माध्यम से बिल्कुल नहीं फैलता है।


