क्या बिना HPV वैक्सीन के बेटियां नहीं जा पाएंगी विदेश? स्वास्थ्य विभाग ने अफवाहों पर जारी किया बड़ा अलर्ट

Himachal News: सोशल मीडिया पर एचपीवी वैक्सीन को लेकर कई तरह की भ्रामक खबरें तेजी से फैल रही हैं। अफवाह उड़ाई जा रही है कि इस वैक्सीन के बिना बेटियों की विदेश यात्रा संभव नहीं होगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) ने अब इन सभी दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि एचपीवी टीकाकरण के बिना विदेश जाने पर कोई रोक नहीं है। यह दावा पूरी तरह से निराधार और गलत है।

विदेश यात्रा को लेकर क्या है सच्चाई?

एनएचएम के एक प्रवक्ता ने इस मामले पर आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने साफ कहा है कि भारत सरकार ने ऐसा कोई नियम नहीं बनाया है। राज्य सरकार की तरफ से भी विदेश यात्रा के लिए वैक्सीन का कोई प्रमाण-पत्र अनिवार्य नहीं किया गया है। सोशल मीडिया पर चल रहे ऐसे सभी मैसेज फर्जी हैं। आम जनता को ऐसी किसी भी भ्रामक जानकारी से सावधान रहने की सख्त हिदायत दी गई है। यह पूरी तरह से सिर्फ एक अफवाह है।

वैक्सीन लगवाना पूरी तरह से स्वैच्छिक

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह टीकाकरण एक पूर्णतः स्वैच्छिक प्रक्रिया है। किसी भी बेटी को जबरन यह वैक्सीन नहीं लगाई जा रही है। पात्र किशोरियों का टीकाकरण केवल अभिभावकों की सहमति से ही होता है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें सबसे पहले माता-पिता को इस वैक्सीन के फायदों के बारे में विस्तार से बताती हैं। उनकी पूरी संतुष्टि और स्पष्ट सहमति मिलने के बाद ही बच्चों को टीका लगाया जाता है। इसमें किसी भी तरह का कोई सरकारी दबाव नहीं होता है।

सर्वाइकल कैंसर से बचाव का मुख्य हथियार

हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य विभाग 14 से 15 वर्ष की बालिकाओं को यह टीका बिल्कुल मुफ्त दे रहा है। एचपीवी यानी ह्यूमन पेपिलोमा वायरस संक्रमण आगे चलकर गर्भाशय ग्रीवा (सर्वाइकल) कैंसर का बड़ा कारण बनता है। वैज्ञानिक शोध और कई वैश्विक अध्ययनों से यह साबित हो चुका है कि यह वैक्सीन बहुत प्रभावी है। यह महिलाओं में इस गंभीर बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम कर देती है। इसीलिए सरकार इसके प्रति लगातार जागरूकता अभियान चला रही है।

अफवाहों पर ध्यान न देने की सख्त अपील

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने सभी अभिभावकों से एक विशेष अपील की है। अधिकारियों ने कहा है कि लोग बिना प्रामाणिक स्रोत के किसी भी जानकारी पर भरोसा न करें। हमेशा स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत अधिकारियों की बात ही मानें। वैक्सीन से जुड़ी किसी भी प्रकार की शंका होने पर अभिभावक अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जा सकते हैं। वे स्थानीय चिकित्सा अधिकारी या आशा कार्यकर्ता से सीधा संपर्क करके सही और सटीक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

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