Tech News: टेक इंडस्ट्री में सॉफ्टवेयर इंजीनियर अनु शर्मा का नाम इन दिनों काफी चर्चा में है। अनु ने अपनी शानदार करियर यात्रा की शुरुआत दिग्गज टेक कंपनी गूगल से की थी। इस साल की शुरुआत में उन्होंने एक बेहद चौंकाने वाला फैसला लिया है। अनु ने गूगल की मोटी सैलरी और आरामदायक नौकरी को अलविदा कह दिया है। अब उन्होंने पेलेंटिर टेक्नोलॉजीज में काम करना शुरू किया है। उनका यह साहसिक फैसला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
पेलेंटिर में नई और चुनौतीपूर्ण भूमिका
अनु शर्मा अब पेलेंटिर टेक्नोलॉजीज में फॉरवर्ड डिप्लॉयड सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर काम कर रही हैं। यह भूमिका सामान्य सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट की तुलना में बिल्कुल अलग और चुनौतीपूर्ण है। इस पद पर काम करते हुए सीधे क्लाइंट्स और असली बिजनेस की समस्याओं को सुलझाना पड़ता है। अनु ने साल 2026 की शुरुआत में ही यह महत्वपूर्ण बदलाव किया है। उनके इस बड़े कदम ने पूरे टेक सेक्टर में एक नई हलचल पैदा कर दी है।
गूगल से पहले इन कंपनियों में किया काम
अनु शर्मा का यह शानदार सफर अचानक शुरू नहीं हुआ है। गूगल में काम करने से पहले उन्होंने ट्विटर और इंट्यूट जैसी मल्टीनेशनल कंपनियों में अपनी सेवाएं दी हैं। इसके अलावा उन्होंने कई बड़ी टेक कंपनियों में इंटर्नशिप भी की है। कंप्यूटर साइंस के प्रमुख विषयों जैसे डेटा स्ट्रक्चर, एल्गोरिदम और ऑपरेटिंग सिस्टम पर उनकी गहरी पकड़ है। जावा का उपयोग करके उन्होंने कई बेहतरीन फुल-स्टैक प्रोजेक्ट बनाए हैं, जिससे उनका रिज्यूमे बहुत ज्यादा मजबूत हुआ।
अमेजन और माइक्रोसॉफ्ट से भी मिला बुलावा
अनु की शानदार तकनीकी स्किल्स के कारण उन्हें अमेजन, लिंक्डइन और माइक्रोसॉफ्ट जैसी दिग्गज कंपनियों से इंटरव्यू के लिए बुलावा मिला था। कॉर्पोरेट जगत के साथ-साथ वह सोशल मीडिया पर भी काफी मशहूर हैं। इंस्टाग्राम पर उनके करीब दो लाख बत्तीस हजार फॉलोअर्स मौजूद हैं। वह मुख्य रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और करियर गाइडेंस पर बेहतरीन कंटेंट बनाती हैं। अनु एक टेडएक्स स्पीकर भी हैं और कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर जा चुकी हैं।
आखिर गूगल छोड़ने की असली वजह क्या है?
हाल ही में अनु ने लिंक्डइन पोस्ट के जरिए अपनी पुरानी नौकरी छोड़ने का कारण बताया है। अनु के अनुसार अच्छी सैलरी और आरामदायक जीवन होने के बावजूद उन्हें अपनी ग्रोथ रुकी हुई लग रही थी। वह और ज्यादा तरक्की, असली दुनिया में प्रभाव डालने वाला काम और चुनौतीपूर्ण अवसर खोजना चाहती थीं। इसके साथ ही वह काम के सिलसिले में ट्रैवल करना और हाई-लेवल बिजनेस चर्चाओं में सक्रिय रूप से हिस्सा लेना भी पसंद करती हैं।
पेलेंटिर का काम करने का डायनामिक तरीका
अनु शर्मा के लिए पेलेंटिर की यह भूमिका उनके करियर लक्ष्यों से बिल्कुल मेल खाती है। यहां काम करने का तरीका बहुत डायनामिक है। यह सीधे तौर पर बिजनेस पर अपना असर डालता है। अनु के इस फैसले ने भारत के युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को प्रेरित किया है। सोशल मीडिया पर उनके फैसले को लेकर कई सकारात्मक और नकारात्मक प्रतिक्रियाएं आई हैं। अनु ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया है।


