ओमान तट पर भारतीय तेल टैंकर पर अमेरिकी मिसाइल हमला, तीन नाविकों की मौत से देश में भारी आक्रोश

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International News: अमेरिकी सेना ने ओमान के तट के पास भारतीय क्रू मेंबर वाले तेल टैंकर सेटेबेलो पर भीषण मिसाइल हमला किया है। इस अचानक हुए हमले में लापता हुए तीनों भारतीय नाविकों के शव बरामद कर लिए गए हैं। इस दुखद खबर की पुष्टि केंद्रीय शिपिंग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने खुद सोशल मीडिया पर की है।

इस कमर्शियल जहाज पर कुल चौबीस भारतीय नाविक सवार थे। अमेरिकी हमले के तुरंत बाद चलाए गए बचाव अभियान में इक्कीस क्रू मेंबर को सुरक्षित बचा लिया गया था। हालांकि तीन नाविक लापता हो गए थे, जिनके शव अब मिले हैं। केंद्र सरकार ने इस हिंसक घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है।

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मृतकों में उत्तर प्रदेश के देवरिया के रहने वाले शिवानंद चौरसिया और हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के रहने वाले आदित्य शर्मा शामिल हैं। पैंतीस वर्षीय शिवानंद जहाज पर बतौर इंजन फिटर तैनात थे, जबकि तेईस साल के युवा आदित्य शर्मा डेक कैडेट के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, जांच की उठी मांग

शिवानंद के पिता रामजी चौरसिया ने रोते हुए बताया कि परसों रात ही बेटे से आखिरी बार बात हुई थी। शिवानंद अपने परिवार का एकमात्र सहारा था और उसके दो छोटे बच्चे हैं। इस दर्दनाक खबर के बाद उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में उनके पैतृक गांवों में मातम छा गया है।

मृतक आदित्य शर्मा के पिता राजेश शर्मा ने भारत सरकार से अपने बेटे का पार्थिव शरीर जल्द वापस लाने की गुहार लगाई है। उन्होंने जहाज के कैप्टन के फैसले पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि सुरक्षित रूट छोड़कर जहाज को डेंजर जोन में क्यों ले जाया गया?

अमेरिका ने हमले के पीछे दी यह अजीब दलील

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस सैन्य कार्रवाई का एक वीडियो जारी कर हमले की वजह बताई है। उनका दावा है कि इस तेल टैंकर ने ईरान से तेल ले जाते समय अंतरराष्ट्रीय नाकेबंदी का उल्लंघन किया था। अमेरिकी बलों की बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज करने पर यह कार्रवाई की गई।

अमेरिकी विमान ने सटीक निशाना साधते हुए सीधे जहाज के मुख्य इंजन को उड़ा दिया। दूसरी तरफ, भारत सरकार ने इस हमले पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। विदेश मंत्रालय ने नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास के उप प्रमुख जेसन मीक्स को तलब कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस सैन्य हमले की तीखी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानूनों का खुला उल्लंघन बताया है। भारत ने वैश्विक मंच पर अपील की है कि कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाना तुरंत बंद हो। समुद्री व्यापारिक रास्तों पर बिना किसी रुकावट के सुरक्षित आवागमन बहाल होना चाहिए।

Reported By: Pallavi Sharma

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