Himachal News: हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में एक दिलचस्प और ऐतिहासिक नजारा देखने को मिला। सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान देहरा से विधायक कमलेश ठाकुर ने पहली बार सवाल पूछा। उनके सवालों का जवाब राज्य के मुख्यमंत्री और उनके पति सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिया। कमलेश ठाकुर ने पौंग डैम के पास रहने वाले मछुआरों का दर्द सदन में पूरी बेबाकी से रखा। उन्होंने बताया कि 2023 की भीषण बाढ़ के बाद डैम में काफी सिल्ट भर गई है। इससे मछुआरों की आजीविका पर बड़ा संकट आ गया है। सीएम सुक्खू ने पूरे मामले का संज्ञान लिया और आश्वासन दिया कि ड्रेजिंग के जरिए इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाएगा।
देहरा के मछुआरों का दर्द और विधायक की अपील
विधायक कमलेश ठाकुर ने सदन को बताया कि देहरा में मछुआरों की एक बड़ी आबादी रहती है। इन परिवारों का जीवन पूरी तरह से सिर्फ मछली पालन पर ही निर्भर है। पौंग बांध बनने के बाद से ही यहां के लोग कई तरह की परेशानियां झेल रहे हैं। साल 2023 में आई बाढ़ ने उनके हालात और भी ज्यादा खराब कर दिए हैं। बाढ़ के कारण पूरे जलक्षेत्र में भारी मात्रा में सिल्ट जमा हो गई है। इसका सीधा असर मछली कारोबार पर पड़ रहा है और पानी में मछलियां मर रही हैं। कमलेश ठाकुर ने सरकार से बीबीएमबी प्रबंधन को सिल्ट हटाने के सख्त निर्देश देने की मांग की। इससे पहले 25 मार्च को भी उन्होंने सदन में 18 मिनट का प्रभावशाली वक्तव्य दिया था।
ड्रेजिंग से निकलेगा हल और मछुआरों को मिलेगी मदद
विधायक के सवाल पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि इस गंभीर समस्या का मुख्य समाधान ड्रेजिंग से ही किया जाएगा। वर्तमान में कुल्लू जिले में पायलट प्रोजेक्ट के तहत ड्रेजिंग का काम चल रहा है। कुल्लू के बाद मनाली और फिर देहरा में भी यह प्रक्रिया अपनाई जाएगी। सरकार मछुआरों की भलाई के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। हाल ही में पेश हुए बजट में मछुआरों के लिए अच्छी योजनाएं शामिल की गई हैं। जब तीन महीने तक मछली पालन बंद रहता है, तब मछुआरों को 3500 रुपये प्रति माह की आर्थिक सहायता मिलेगी। इस जनहित के मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी दोनों पक्षों के विधायकों ने कमलेश ठाकुर का खुलकर समर्थन किया।
कुल्लू-मनाली में चैनल सुधार और नई ट्रैक्टर नीति
सदन में मनाली त्रासदी के बाद उठाए गए सुरक्षा कदमों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विधायक चन्द्रशेखर ने ड्रेजिंग और चैनल सुधार के काम में तेजी लाने की मांग उठाई। सीएम सुक्खू ने जवाब दिया कि कुल्लू में 42 ऐसी जगहें चुनी गई हैं, जहां ड्रेजिंग होनी है। नई जगहों पर काम शुरू करने के लिए वन संरक्षण अधिनियम (FCA) की मंजूरी लेना जरूरी है। राज्य सरकार ट्रैक्टर के जरिए नदी किनारे से रेत और बजरी निकालने वालों के लिए एक नई नीति भी ला रही है। इससे ट्रैक्टर वालों का आर्थिक शोषण रुकेगा और चालान की राशि भी कम की जाएगी। सदन में नेता प्रतिपक्ष जय राम ठाकुर ने भी नदी किनारे रहने वाले आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

