Trichy News: तमिलनाडु में डिंडीगुल-त्रिची नेशनल हाईवे पर अंतरजातीय विवाह करने वाली एक युवती के दिनदहाड़े सनसनीखेज अपहरण का मामला सामने आया है। रविवार को सोशल मीडिया पर इस वारदात का एक खौफनाक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। इसके बाद स्थानीय पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया और तफ्तीश शुरू की।
हाईवे पर ऑटो रोककर युवती को कार में घसीटा
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज ढाई घंटे के भीतर अपहृत महिला चित्रावल्ली को सुरक्षित बचा लिया। पुलिस ने पीड़ित महिला को उसके पति अजीत कुमार के पास भेज दिया है। मनप्पराई के चित्तनाथ गांव के रहने वाले पीड़ित अजीत कुमार एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं।
अजीत कुमार दलित समुदाय से हैं, जबकि चित्रावल्ली अति पिछड़ा वर्ग से ताल्लुक रखती हैं। दोनों पिछले ढाई साल से एक-दूसरे से प्यार करते थे। चित्रावल्ली के घरवाले इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। परिवार के भारी विरोध के कारण दोनों ने 25 जून को बिना बताए शादी कर ली थी।
पुलिस स्टेशन से लौटते वक्त हुआ किडनैपिंग का ड्रामा
शादी के बाद सुरक्षा के लिए दोनों मनप्पराई महिला पुलिस स्टेशन पहुंचे थे। पुलिस ने लड़की के माता-पिता को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद 4 जुलाई को लड़की के बहनोई मुरुगेसन ने अजीत के खिलाफ एक झूठी शिकायत दर्ज करवाई, जिसकी जांच के लिए वे पुलिस स्टेशन गए थे।
जब वे पुलिस स्टेशन से ऑटो रिक्शा में घर लौट रहे थे, तभी मुरुगेसन और उसके भाइयों ने कार से उनका रास्ता रोका। उन्होंने जबरन चित्रावल्ली को ऑटो से खींचकर कार में डाल लिया। अजीत और उनकी मां विजयलक्ष्मी ने बदमाशों को रोकने की पूरी कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे।
मोबाइल ट्रैकिंग की मदद से पुलिस ने छुड़ाया
वारदात के समय मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने इसका लाइव वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर कर दिया। त्रिची के एसपी डोंगारे प्रवीण उमेश ने बताया कि पुलिस टीम ने आरोपी मुरुगेसन का मोबाइल नंबर ट्रैक किया। पुलिस ने ढाई घंटे में महिला को उसकी दादी के घर से बरामद कर लिया।
पुलिस ने इस किडनैपिंग केस में शामिल पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें युवती के भाई मलाईसामी, अलगर और बहनोई मुरुगेसन शामिल हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट, ह्यूमन ट्रैफिकिंग और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज किया है।

