Patna News: बिहार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के खिलाफ मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने सख्त रुख अपना लिया है। विभागीय समीक्षा के दौरान शुक्रवार को मंत्री ने 10 और लापरवाह व भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई, आरोप तय करने तथा अनुशासनात्मक कार्यवाही को मंजूरी दे दी है।
मंत्री डॉ. जायसवाल ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जनता से जुड़े किसी भी कार्य में भ्रष्टाचार, पद का दुरुपयोग या लापरवाही को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, इन अधिकारियों पर दाखिल-खारिज मामलों में हेरफेर, रिश्वत मांगने और सरकारी भूमि को गलत तरीके से रैयती घोषित करने जैसे गंभीर आरोप हैं।
कार्रवाई की जद में आए प्रमुख अधिकारियों में पटना सिटी की भूमि सुधार उप समाहर्ता अभिलाषा सिन्हा शामिल हैं, जिन पर 15 लाख रुपए रिश्वत लेने का आरोप है। उनके निलंबन की अनुशंसा की गई है। इसी तरह, औरंगाबाद, सीतामढ़ी, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, सहरसा और पश्चिम चंपारण समेत कई जिलों के अंचल और राजस्व अधिकारियों पर भी शिकंजा कसा गया है।
किन आरोपों में हुई कार्रवाई?
विभागीय जांच में अधिकारियों पर कई तरह की अनियमितताओं के आरोप साबित हुए हैं। हाजीपुर के तत्कालीन अंचल अधिकारी मुकुल कुमार झा पर भ्रष्टाचार का मामला दर्ज है। औरंगाबाद के सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी पर रिश्वत देने का प्रयास करने का आरोप है। वहीं, संपतचक और बगहा-1 के अधिकारियों पर जानबूझकर दाखिल-खारिज लंबित रखने और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगे हैं।
मुजफ्फरपुर के राजस्व अधिकारी पर अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने, सहरसा के तत्कालीन भू-अर्जन पदाधिकारी पर वरीय अधिकारियों को गलत तथ्यों से गुमराह करने और समस्तीपुर की अंचल अधिकारी पर नियमों के विरुद्ध कार्य करने के आरोप में दंडात्मक कार्रवाई तय की गई है। इन सभी के विरुद्ध अब विभागीय आरोप-पत्र के तहत आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति
डॉ. जायसवाल ने दोहराया कि विभाग में भ्रष्टाचार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ यानी ‘बिल्कुल बर्दाश्त नहीं’ करने की नीति अपनाई गई है और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। उनका कहना है कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता जनता को समयबद्ध, पारदर्शी और जवाबदेह सेवाएं उपलब्ध कराना है। किसी को भी पद की गरिमा गिराने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
इस बड़े पैमाने पर हो रही कार्रवाई से विभाग के उन तमाम अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है, जो अब तक फाइलों को बेवजह लटकाए हुए थे। मंत्री के इन कड़े फैसलों को आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान की दिशा में एक अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
Amit Yadav

