Avian News: फ्रांस के एवियन शहर में आयोजित G7 समिट के विशेष आउटरीच सेशन में प्रधानमंत्री Narendra Modi ने दुनिया के सामने भारत का बड़ा नजरिया रखा। पीएम मोदी ने वैश्विक मंच पर मजबूत ग्लोबल पार्टनरशिप और इंटरनेशनल सॉलिडैरिटी की वकालत करते हुए कहा कि आज पूरी दुनिया पहले से कहीं अधिक इंटरकनेक्टेड हो चुकी है।
आपसी अटूट भरोसा ही ग्लोबल पार्टनरशिप की असली ताकत
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में साफ कहा कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते की सफलता देशों के बीच आपसी ट्रस्ट पर निर्भर करती है। जब देशों के बीच भरोसा मजबूत होगा, तभी व्यापार, आधुनिक टेक्नोलॉजी, ग्लोबल सुरक्षा और सोशल डेवलपमेंट जैसे बड़े क्षेत्रों में एक पारदर्शी और बेहतर सहयोग संभव हो पाएगा।
पीएम मोदी ने वैश्विक नेताओं के सामने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सिर्फ कागजी समझौते करने से काम नहीं चलता। सभी देशों को मिलकर उन्हें जमीन पर पूरी ईमानदारी से लागू करना होगा। मौजूदा समय में आपसी ट्रस्ट की भारी कमी के कारण ही कई बड़ी अंतरराष्ट्रीय योजनाएं कमजोर पड़ रही हैं।
दुनिया को चाहिए नए सहयोग मॉडल और समान अवसर
बदलती वैश्विक परिस्थितियों के बीच प्रधानमंत्री ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने कहा कि पुराने घिसे-पिटे तरीकों से अब आगे बढ़ना काफी मुश्किल है। आज दुनिया को ऐसे नए सहयोग मॉडल की जरूरत है, जो सभी छोटे और विकासशील देशों को विकास के बिल्कुल बराबर अवसर प्रदान करे।
पीएम मोदी ने मंच से विकासशील देशों की चिंताओं को प्रमुखता से सामने रखा। उन्होंने कहा कि बड़े ग्लोबल फैसलों में इन देशों की भागीदारी तुरंत बढ़नी चाहिए। जब अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सभी देशों की आवाज को समान रूप से सुना जाएगा, तभी एक संतुलित और बेहद मजबूत अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था बनेगी।
साझा वैश्विक चुनौतियों का समाधान मिलकर ही निकालना होगा
प्रधानमंत्री ने दुनिया का ध्यान जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य संकट और क्षेत्रीय संघर्ष जैसी गंभीर चुनौतियों की तरफ खींचा। उन्होंने कहा कि ये बड़ी समस्याएं किसी एक देश तक सीमित नहीं हैं। इसलिए इन सामूहिक संकटों का स्थाई समाधान भी सभी देशों के एकजुट और सामूहिक प्रयासों से ही निकलेगा।
समिट के दौरान पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया। दोनों नेताओं के बीच टैरिफ वॉर और हॉर्मुज में भारतीयों की मौत जैसे गंभीर मुद्दों पर द्विपक्षीय वार्ता होने की संभावना है। भारत अब यूके सहित कई अन्य देशों के साथ भी महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें करेगा।
Author: Harikarishan Sharma

