सिंधु जल संधि से लेकर बंगाल एनकाउंटर तक, जदयू नेता राजीव रंजन ने कई राष्ट्रीय मुद्दों पर दी तीखी प्रतिक्रिया

Patna News: जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन ने कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी है। उन्होंने सिंधु जल संधि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऑस्ट्रेलिया यात्रा और पश्चिम बंगाल की मौजूदा कानून व्यवस्था समेत कई विषयों पर खुलकर अपनी बात कही।

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सिंधु जल संधि पर भारत के कड़े फैसलों से पाकिस्तान परेशान

राजीव रंजन ने कहा कि पहलगाम की घटना के बाद भारत सरकार की ओर से लिए गए कड़े फैसलों का पाकिस्तान पर बड़ा असर पड़ रहा है। इस फैसले से पाकिस्तान की कृषि, सिंचाई और पेयजल जैसी बुनियादी जरूरतें पूरी तरह प्रभावित होंगी। इसी वजह से पड़ोसी देश अब वैश्विक स्तर पर गुहार लगा रहा है।

जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के बयान का किया समर्थन

जदयू नेता ने सिंधु जल संधि के मुद्दे पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के रुख को पूरी तरह व्यावहारिक बताया। उन्होंने कहा कि समझौते पर नए कदमों के बाद कश्मीर के स्थानीय किसानों के लिए विकास की नई संभावनाएं बनेंगी। यह राज्य के आर्थिक विकास के लिए एक सकारात्मक कदम है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे से देश को बड़ी उम्मीदें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आगामी ऑस्ट्रेलिया यात्रा पर बात करते हुए उन्होंने आर्थिक लाभ की उम्मीद जताई। राजीव रंजन ने कहा कि दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और यूरेनियम संवर्धन जैसे आधुनिक तकनीकों के क्षेत्रों में बड़े समझौते हो सकते हैं। इससे भारतीय अर्थव्यवस्था को एक नई मजबूती मिलेगी।

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ईरान-अमेरिका तनाव पर चिंता और ममता बनर्जी पर निशाना

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों पर उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त की। वहीं, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि राज्य की जनता में वहां की सरकार के खिलाफ भारी आक्रोश है। कानून व्यवस्था के मोर्चे पर तृणमूल कांग्रेस विफल रही है।

पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए अपराधियों के एनकाउंटर का समर्थन करते हुए जदयू नेता ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि आरजी कर और संदेशखाली जैसी दर्दनाक घटनाओं के बाद महिलाओं में सुरक्षा की भावना जगाना बेहद जरूरी था। अपराधियों के खिलाफ होने वाली ऐसी सख्त कार्रवाइयों पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

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