Himachal Pensioners Discontent: अधिकारियों की मनमानी से भड़के पेंशनर्स; शिक्षा विभाग पर लगाया फाइलों को लटकाने का गंभीर आरोप!

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Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एसोसिएशन का कहना है कि विभाग के अधिकारी जानबूझकर बुजुर्ग पेंशनरों के मामलों को लटका रहे हैं। इसके चलते सेवानिवृत्त कर्मचारियों को अपने वित्तीय लाभों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर होना पड़ रहा है।

एसोसिएशन के अध्यक्ष सुरेश ठाकुर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष गंगा राम शर्मा और महासचिव भूप राम वर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग के कुछ आहरण एवं वितरण अधिकारी (DDO) पेंशनर्स के जरूरी दस्तावेजों और केसों को महालेखाकार कार्यालय (AG Office) नहीं भेज रहे हैं।

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अदालती आदेशों और सरकारी अधिसूचना की अनदेखी का आरोप

पेंशनर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि संबंधित अधिकारी सरकार के फैसलों के विरुद्ध जाकर मनमानी कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब सरकार द्वारा पास किया गया अधिनियम उच्च न्यायालय द्वारा निरस्त किया जा चुका है, तब भी अधिकारी पुरानी व्यवस्था पर अड़े हुए हैं।

पेंशनर्स नेताओं के अनुसार, सरकार ने 21 फरवरी 2026 को इस संबंध में जारी अपनी पुरानी नोटिफिकेशन को भी वापस (विड्रॉ) ले लिया है। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर बैठे अधिकारी अपनी मनमानी चला रहे हैं, जो कानूनन और नैतिक रूप से पूरी तरह गलत है। इससे बुजुर्गों में भारी रोष है।

अनुबंध सेवा को पेंशन के लिए जोड़ने के स्पष्ट निर्देश

एसोसिएशन के मुख्य पदाधिकारियों ने बताया कि माननीय उच्च न्यायालय ने ‘शीला देवी बनाम सरकार’ के ऐतिहासिक फैसले में स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसके तहत कर्मचारियों की अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) सेवा अवधि को भी पेंशन की गणना के लिए अनिवार्य रूप से गिना जाना तय किया गया है।

पूर्व में एक्ट लागू होने के कारण 10 वर्ष से कम नियमित सेवा वाले ऐसे मामलों को अधिकारियों ने बंद कर दिया था। मगर अब अधिसूचना वापस होने के बाद इन मामलों को दोबारा खोलना कानूनी रूप से अनिवार्य है। पूर्व में भी ऐसे कई पेंशनर्स को पुरानी पेंशन का लाभ मिल रहा है।

कोटला में गूंजी 15 फीसदी महंगाई भत्ते की मांग

दूसरी तरफ, जिला कांगड़ा के कोटला में पेंशनर संघ इकाई की एक महत्वपूर्ण त्रैमासिक बैठक विश्राम गृह में संपन्न हुई। इस बैठक की अध्यक्षता स्थानीय इकाई के अध्यक्ष सुशील शर्मा ने की, जबकि पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन महासचिव जोगिंद्र सिंह द्वारा किया गया।

इस त्रैमासिक बैठक में पेंशनरों की लंबित मुख्य वित्तीय मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। पेंशनर्स ने सरकार से मांग की कि उनके 15 प्रतिशत बकाया महंगाई भत्ते (DA) का एरियर सहित तुरंत भुगतान किया जाए। इसके साथ ही, वर्ष 2016 से 2022 तक के सभी बकायों को शीघ्र जारी करने की पुरजोर वकालत की गई।

Author: Sunita Gupta

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