Business News: भारतीय स्टार्टअप जगत के जाने-माने उद्यमी और फिनटेक कंपनी ‘क्रेड’ (CRED) के संस्थापक कुणाल शाह को मेटा ने व्हाट्सऐप का नया ग्लोबल हेड नियुक्त किया है। यह फैसला मेटा द्वारा क्रेड में 90 करोड़ डॉलर के बड़े निवेश के बाद सामने आया है। इस नियुक्ति ने कुणाल शाह को वैश्विक स्तर पर सुर्खियों में ला दिया है।
दुनिया भर में व्हाट्सऐप के तीन अरब से ज्यादा यूजर्स हैं। भारतीय मूल के कई अधिकारी टेक कंपनियों का नेतृत्व कर चुके हैं, लेकिन भारत के स्टार्टअप इकोसिस्टम से निकले किसी संस्थापक को इतने बड़े वैश्विक कंज्यूमर प्लेटफॉर्म की कमान सौंपे जाने का यह पहला और बेहद अनोखा मामला है।
दर्शनशास्त्र की पढ़ाई से फ्रीचार्ज और क्रेड तक का सफर
मुंबई में पले-बढ़े कुणाल शाह ने कॉलेज में दर्शनशास्त्र की पढ़ाई की है। उन्होंने पारंपरिक रूप से स्थापित इंजीनियरिंग या मैनेजमेंट संस्थानों का रास्ता नहीं चुना। पारिवारिक बिज़नेस में हाथ बंटाने के साथ ही उन्होंने साल 2010 में मोबाइल रीचार्ज प्लेटफॉर्म ‘फ्रीचार्ज’ की सह-स्थापना की थी, जिसने उन्हें पहली सफलता दिलाई।
साल 2015 में ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील ने फ्रीचार्ज का अधिग्रहण कर लिया था। इसके बाद साल 2018 में उन्होंने ‘क्रेड’ की शुरुआत की, जो समय पर क्रेडिट कार्ड बिल भरने वाले ग्राहकों को इनाम देती है। मेटा के ताज़ा निवेश के बाद अब क्रेड का कुल मूल्यांकन लगभग 4.5 अरब डॉलर आंका गया है।
व्हाट्सऐप के विस्तार और मुनाफे की राह पर टिकी नजरें
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है, जब व्हाट्सऐप सिर्फ मैसेजिंग तक सीमित न रहकर पेमेंट, बिज़नेस सेवाओं और एआई प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ रहा है। क्रेड में कुणाल शाह मुख्य रूप से प्रीमियम यूजर्स के लिए काम कर रहे थे, लेकिन व्हाट्सऐप में उन्हें व्यापक वैश्विक आबादी की जिम्मेदारी संभालनी होगी।
कुणाल शाह डिजिटल पेमेंट और कंज्यूमर बिहेवियर के गहरे जानकार माने जाते हैं। नियुक्ति की घोषणा करते हुए मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) मार्क जुकरबर्ग ने उनकी ‘निर्माता जैसी सोच’ और ‘वैश्विक दृष्टिकोण’ की जमकर तारीफ की है। शाह अब व्हाट्सऐप का नेतृत्व करने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।

