Shimla News: हिमाचल प्रदेश में मानूसन की मूसलाधार बारिश का दौर लगातार जारी है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में हल्की से भारी वर्षा के कारण बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। भारी बारिश से चंबा और कुल्लू जिलों में कई मुख्य संपर्क मार्ग पूरी तरह बंद हो गए हैं।
सड़कें बंद होने से स्थानीय जनता और पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चंबा जिले के चुराह उपमंडल में पंगोला नाला में अचानक भयंकर बाढ़ आ गई। इस वजह से चंबा-तिस्सा मुख्य मार्ग पर वाहनों की पूरी आवाजाही ठप हो गई है।
कुल्लू और चंबा में बाढ़ से रास्ते बंद, मशीनरी तैनात
स्थानीय प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग को तत्काल आधुनिक मशीनरी लगाकर प्रभावित सड़क बहाल करने के निर्देश दिए हैं। उधर, कुल्लू जिले में भी स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है। यहां लारजी-सैंज मार्ग पर पागल नाला उफान पर आने से भारी मलबा जमा हो गया।
सड़क पर मलबा आने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। इसके चलते मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और कई यात्री घंटों फंसे रहे। लोक निर्माण विभाग की टीमें मौके पर पहुंचकर तेजी से मलबा हटाने में जुटी हैं।
जोगिंदरनगर में दर्ज हुई सबसे अधिक बारिश, अलर्ट जारी
बीते 24 घंटों के दौरान मंडी जिले के जोगिंदरनगर में सबसे अधिक 97 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा कांगड़ा में 74.8 मिलीमीटर, पालमपुर में 35.4, भरवाईं में 34, सराहन में 32.5, रोहड़ू में 30 और धर्मशाला में 27.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई है।
शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, भुंतर और कांगड़ा सहित कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश चल रही है। विभाग ने आगामी 11 जुलाई तक प्रदेश में मानसून की वर्षा का यह दौर जारी रहने का सटीक पूर्वानुमान जताया है।
प्रशासन ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी, संवेदनशील इलाकों से बचें
मौसम विभाग ने सोमवार के लिए कांगड़ा, ऊना और सिरमौर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है। वहीं चंबा, मंडी और शिमला जिलों में भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की प्रबल संभावना व्यक्त की गई है।
प्रशासन ने आम जनता से ट्रैफिक एडवाइजरी का पूरी तरह पालन करने की अपील की है। भूस्खलन संभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने को कहा गया है। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति का कुकुमसेरी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 11.1 डिग्री रहा।

