Uttar Pradesh News: गाजियाबाद के मधुबन-बापूधाम में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत फ्लैट पाने वाले लोग बड़ी मुसीबत में फंस गए हैं। गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (जीडीए) आवंटियों को फ्लैट पर कब्जा देने से पहले ही जल और सीवर कर के रूप में 26,414 रुपये की भारी-भरकम मांग कर रहा है।
जीडीए के इस अजीबोगरीब फरमान से नाराज आवंटियों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। आवंटियों ने जीडीए की इस मांग को पूरी तरह से अनुचित और अवैध बताते हुए सूबे के मुखिया से न्याय दिलाने की पुरजोर गुहार लगाई है।
कब्जा मिलने से पहले ही टैक्स वसूलने का गंभीर आरोप
कलक्ट्रेट में शिकायत दर्ज कराने आईं आवंटी कविता और आरती ने बताया कि मधुबन-बापूधाम में बने ईडब्ल्यूएस फ्लैटों का आवंटन लॉटरी ड्रा के जरिए हुआ था। कुछ आवंटियों की रजिस्ट्री हो चुकी है, जबकि अधिकांश की बाकी है। आवंटियों ने फ्लैट की पूरी तय धनराशि जीडीए के पास जमा कर दी है।
आवंटियों का आरोप है कि जीडीए रजिस्ट्री के महज 30 दिनों के भीतर ही जल और सीवर टैक्स जमा करने का दबाव बना रहा है। नियमानुसार, जल और सीवर कर भवन पर वास्तविक कब्जा मिलने के बाद ही लागू होता है। कब्जा मिलने से पहले टैक्स मांगना पूरी तरह नियमों के खिलाफ है।
15 से 17 जून तक लगेगा जीडीए का ओटीएस समाधान दिवस
दूसरी तरफ, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण अपने बकायेदारों और आवंटियों के लिए राहत की खबर भी लाया है। प्राधिकरण 15 से 17 जून तक विशेष ‘ओटीएस (वन टाइम सेटलमेंट) समाधान दिवस’ का आयोजन करने जा रहा है, ताकि लोग अपने पुराने बकाए का निपटारा आसानी से कर सकें।
जीडीए उपाध्यक्ष नंद किशोर कलाल ने बताया कि इस विशेष अभियान के तहत प्राधिकरण के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर ही आवंटियों की समस्याओं का निस्तारण करेंगे। इसके लिए परिसर में अलग से काउंटर बनाए जाएंगे, जहां ब्याज में छूट और देय राशि की सटीक जानकारी मिलेगी।
Author: Ajay Mishra


