Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश की सियासत में भारतीय जनता पार्टी के भीतर बड़ी हलचल शुरू हो गई है। लखनऊ से लेकर दिल्ली तक बैठकों का दौर जारी है। कयास लगाए जा रहे हैं कि संगठन और सरकार में बहुत जल्द बड़े बदलाव हो सकते हैं। इस सिलसिले में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक जैसे बड़े नेताओं ने दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात की है। पार्टी के भीतर यह हलचल आगामी रणनीतियों को लेकर काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
दिल्ली में दिग्गजों की दौड़ और सियासी मायने
यूपी के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक ने दिल्ली का दौरा कर सियासी तापमान बढ़ा दिया है। केशव मौर्य ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से अहम मुद्दों पर चर्चा की। दूसरी ओर ब्रजेश पाठक ने राष्ट्रीय महामंत्री विनोद तावड़े से मुलाकात कर राज्य के हालातों पर फीडबैक दिया। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी भी अचानक दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। सूत्रों का दावा है कि यह सक्रियता मंत्रिमंडल विस्तार की ओर इशारा कर रही है।
दिसंबर से चल रही संगठनात्मक बदलाव की तैयारी
बीजेपी संगठन में चुनाव की लंबी प्रक्रिया के बाद पंकज चौधरी को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उनके कार्यभार संभालने के बाद लगभग सभी जिला इकाइयों की घोषणा हो चुकी है। अब बारी प्रदेश कार्यकारिणी के गठन की है। पार्टी आलाकमान से हरी झंडी मिलते ही नई टीम का ऐलान कर दिया जाएगा। संगठन में कई पुराने चेहरों की छुट्टी हो सकती है। पार्टी अब युवा और सक्रिय कार्यकर्ताओं को बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी में है।
मंत्रिमंडल विस्तार की प्रक्रिया अंतिम चरण में
पार्टी सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल विस्तार का खाका पूरी तरह तैयार कर लिया गया है। कुछ मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा के बाद उनके विभाग बदले जा सकते हैं। नए मंत्रियों को शामिल करने के लिए विभागों का बंटवारा भी लगभग तय है। वर्तमान में पंकज चौधरी एशियन डेवलपमेंट बैंक की बैठक के लिए विदेश दौरे पर हैं। उनके वापस आते ही मुख्यमंत्री के साथ चर्चा कर बदलावों की आधिकारिक घोषणा होने की प्रबल संभावना है।
नए चेहरों को मौका और आगामी रणनीति
बीजेपी इस फेरबदल के जरिए एक तीर से दो निशाने साधने की कोशिश में है। संगठन में नए चेहरों को लाकर वह कार्यकर्ताओं में नया जोश भरना चाहती है। वहीं, मंत्रिमंडल में बदलाव कर वह शासन व्यवस्था को और अधिक धारदार बनाने का प्रयास कर रही है। दिल्ली और लखनऊ में हुई मैराथन बैठकों में सामाजिक समीकरणों का भी पूरा ध्यान रखा गया है। आने वाले दिनों में यह सियासी बदलाव प्रदेश की राजनीति की नई दिशा तय करेंगे।


