Sri Lanka News: पश्चिम एशिया के हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जारी तनाव के कारण श्रीलंका भारी ईंधन संकट में फंस गया है। ऐसे मुश्किल वक्त में चीन ने श्रीलंका को बीच मझधार में छोड़ दिया। तब भारत ने एक सच्चे दोस्त की तरह मदद का हाथ बढ़ाया है। भारत ने आपातकालीन स्थिति में श्रीलंका को 38,000 मीट्रिक टन ईंधन भेजा है। इस जीवनरक्षक मदद के लिए श्रीलंकाई नेताओं ने भारत सरकार का दिल से आभार व्यक्त किया है।
ईंधन के लिए तरसा श्रीलंका, चीन ने फेर लिया मुंह
हॉर्मुज संकट ने दुनिया भर की समुद्री सप्लाई चेन को बुरी तरह से बिगाड़ कर रख दिया है। इसका सबसे खतरनाक असर पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे श्रीलंका पर पड़ा है। पेट्रोल और डीजल की कमी से पूरे देश में हाहाकार मच गया। श्रीलंका ने मदद की भारी उम्मीद के साथ चीन की तरफ देखा। लेकिन ड्रैगन ने ऐन मौके पर बहाने बनाते हुए ईंधन देने से साफ इनकार कर दिया।
संकटमोचक बना भारत, तुरंत भेजी जीवनरक्षक खेप
चीन के इस धोखे से श्रीलंका पूरी तरह से लाचार और निराश हो चुका था। ऐसे नाजुक मोड़ पर भारत एक बार फिर बड़ा संकटमोचक बनकर सामने आया। भारत सरकार ने ‘नेबरहुड फर्स्ट’ (पड़ोसी प्रथम) नीति का पालन करते हुए बिना कोई समय गंवाए ठोस कदम उठाया। भारत ने 38,000 मीट्रिक टन ईंधन से भरा एक विशाल जहाज सीधे कोलंबो बंदरगाह भेज दिया। इस खेप ने श्रीलंका की ठप पड़ी परिवहन व्यवस्था में नई जान फूंक दी है।
भावुक हुए श्रीलंकाई नेता, भारत को माना ‘सच्चा साथी’
भारत की इस निस्वार्थ मदद ने श्रीलंकाई जनता और वहां के नेताओं का दिल जीत लिया है। श्रीलंकाई सरकार के शीर्ष मंत्रियों ने खुले मंच से भारत का बार-बार शुक्रिया अदा किया है। नेताओं का कहना है कि जब मुश्किल समय में दुनिया के बड़े देश अपना फायदा देख रहे थे, तब भारत मजबूती से उनके साथ खड़ा रहा। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि संकट के समय भारत से ज्यादा भरोसेमंद और सच्चा साथी कोई नहीं है।

