पीएम मोदी के तूफानी प्रचार के बीच तमिलनाडु में बड़ा सियासी भूचाल, क्या टूटने की कगार पर है कांग्रेस-डीएमके गठबंधन?

Tamil Nadu News: चुनाव से पहले इंडिया गठबंधन में बड़ी दरार आ गई है। सत्तारूढ़ डीएमके और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर भारी खींचतान मची है। पीएम मोदी राज्य में लगातार तूफानी रैलियां कर रहे हैं। भाजपा दक्षिण भारत में मजबूत आधार बना रही है। ऐसे समय में कांग्रेस और डीएमके का आपसी विवाद विपक्ष के लिए बड़ा खतरा है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपनी शर्तों पर अड़े हैं।

राहुल गांधी और एमके स्टालिन की बातचीत रही बेनतीजा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गठबंधन बचाने के लिए खुद मोर्चा संभाला है। उन्होंने डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन से कई दौर की गुप्त बातचीत की है। इसके बावजूद सीट बंटवारे का अहम पेंच अभी तक नहीं सुलझ पाया है। कांग्रेस राज्य में अपने लिए सम्मानजनक सीटें मांग रही है। वहीं डीएमके अपना पुराना दबदबा छोड़ने को बिल्कुल तैयार नहीं है। स्थानीय नेताओं ने आलाकमान को अकेले चुनाव लड़ने का सुझाव दिया है।

पीएम मोदी की रैलियों से विपक्ष में मची भारी बेचैनी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तमिलनाडु में लगातार विशाल जनसभाएं और रोड शो कर रहे हैं। भाजपा ने इस बार द्रविडियन राजनीति के मजबूत गढ़ में सेंध लगाने की रणनीति बनाई है। मोदी अपनी हर रैली में परिवारवाद और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर तीखा प्रहार करते हैं। भाजपा के इस आक्रामक चुनाव प्रचार से डीएमके और कांग्रेस खेमे में भारी बेचैनी है। जानकारों का मानना है कि विपक्ष की इस कलह का सीधा फायदा भाजपा को मिलेगा।

सीटों के गणित पर फंसा पेंच और कांग्रेस की चेतावनी

पिछले चुनावों में डीएमके ने कांग्रेस को काफी कम सीटें लड़ने के लिए दी थीं। इस बार कांग्रेस अपने बेहतर प्रदर्शन का हवाला देकर ज्यादा सीटों की मांग कर रही है। तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी ने भी साफ कर दिया है कि वे इस बार बिल्कुल नहीं झुकेंगे। अगर डीएमके उनकी मांगें नहीं मानती है, तो पार्टी कड़े फैसले लेने को तैयार है। उधर डीएमके सहयोगियों को ज्यादा सीटें देकर अपना कोई राजनीतिक नुकसान नहीं करना चाहती है।

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