Himachal News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में मरीजों की सुविधा के लिए राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। कमला नेहरू अस्पताल (KNH) को अब इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (IGMC) परिसर में शिफ्ट किया जाएगा। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक कर इस योजना को जल्द अमलीजामा पहनाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय कमेटी गठित की गई है। इस कदम से गायनी और नवजात शिशु वार्ड के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी।
मरीजों को भागदौड़ से मिलेगा स्थायी छुटकारा
स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार बुधवार को आईजीएमसी का दौरा कर स्थान का चयन करेंगे। इस दौरान लोक निर्माण विभाग और मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहेंगे। सरकार का मुख्य उद्देश्य मरीजों को एक ही छत के नीचे तमाम आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराना है। वर्तमान में गर्भवती महिलाओं और तीमारदारों को एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल के चक्कर काटने पड़ते हैं। अब गायनी, प्रसूति और शिशु वार्ड के एक ही परिसर में होने से यह समस्या खत्म हो जाएगी।
आधुनिक मशीनों और पर्याप्त स्टाफ पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार स्वास्थ्य संस्थानों को विश्वस्तरीय बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। अस्पतालों में न केवल उच्च स्तरीय मशीनें और उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं, बल्कि पर्याप्त पैरामेडिकल स्टाफ की भी नियुक्ति हो रही है। सुक्खू ने कहा कि बीमारियों की सही पहचान के लिए नैदानिक प्रणाली (Diagnostic System) को उन्नत करना उनकी प्राथमिकता है। सरकार लगातार चिकित्सा और तकनीकी स्टाफ के नए पद सृजित कर रही है ताकि उपचार में कोई कमी न रहे।
विवादों के बाद जनहित में लिया गया फैसला
केएनएच के गायनी वार्ड को शिफ्ट करने का मामला लंबे समय से सुर्खियों में रहा है। स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने इसके लिए कई बार प्रदर्शन भी किए थे। जनता की मांग थी कि जच्चा-बच्चा देखभाल से जुड़े सभी विभाग एक ही छत के नीचे होने चाहिए। जन भावनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री ने मंगलवार को आपात बैठक बुलाई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आईजीएमसी परिसर के भीतर ही इसके लिए उचित और सुलभ स्थान की पहचान की जाए।
सचिव की अध्यक्षता वाली कमेटी करेगी निरीक्षण
अस्पताल को शिफ्ट करने की प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए सचिव आशीष सिंहमार खुद कमान संभाल रहे हैं। बुधवार दोपहर बाद होने वाली बैठक में आईजीएमसी की प्रधानाचार्य डॉ. सीता ठाकुर और वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक भी शामिल होंगे। कमेटी यह सुनिश्चित करेगी कि शिफ्टिंग के दौरान मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही, आईजीएमसी के कुछ कम महत्वपूर्ण विभागों को केएनएच के पुराने परिसर में स्थानांतरित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।


