मुकुंदपुर फ्लाईओवर पर खौफनाक हादसा: अनियंत्रित स्पोर्ट्स बाइक दीवार से टकराई, दो दोस्तों की मौत

New Delhi News: बाहरी रिंग रोड स्थित मुकुंदपुर लूप फ्लाईओवर पर रविवार रात एक दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हुआ। तेज रफ्तार स्पोर्ट्स बाइक (यामाहा आर-15) अनियंत्रित होकर फ्लाईओवर की डिवाइडर वाली दीवार से जा टकराई। इस भीषण टक्कर में बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, दोनों युवकों ने हेलमेट नहीं पहना था, जो उनकी मौत का मुख्य कारण बना। यह हादसा फ्लाईओवर के उस हिस्से में हुआ जिसे ‘डार्क स्पॉट’ माना जाता है।

तेज रफ्तार और लापरवाही ने ली जान

मृतकों की पहचान 20 वर्षीय सैफ अली और शाहिद के रूप में हुई है। सैफ अली बुराड़ी के संगम विहार का रहने वाला था और पोर्टर के रूप में काम करता था, जबकि शाहिद बवाना की जेजे कॉलोनी का निवासी था। दोनों दोस्त रविवार रात आदर्श नगर से संगम विहार की ओर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अभाव में पुलिस ने डीडी एंट्री के आधार पर मामला दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि बाइक मॉडिफाइड थी और सैफ के किसी रिश्तेदार की थी।

अंधेरे के कारण पहले भी हुए हैं हादसे

मुकुंदपुर लूप फ्लाईओवर लंबे समय से दिल्ली के प्रमुख ‘डार्क स्पॉट’ में शुमार है। स्थानीय निवासियों और आरडब्ल्यूए अध्यक्षों का कहना है कि यहां स्ट्रीट लाइट्स अक्सर खराब रहती हैं। अंधेरा होने और फ्लाईओवर पर तीखा मोड़ (लूप) होने के कारण वाहन चालक अक्सर धोखा खा जाते हैं। यातायात सुरक्षा के लिए काम करने वाली संस्थाओं ने भी कई बार लोक निर्माण विभाग (PWD) से यहां लाइटें ठीक करने का अनुरोध किया है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है।

पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी

हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस जब मौके पर पहुंची, तो वहां सफेद रंग की स्पोर्ट्स बाइक लावारिस हालत में मिली। घायलों को पहले ही बाबू जगजीवन राम अस्पताल ले जाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाहरी-उत्तरी जिला पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 और 106(1) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की गहराई से जांच के लिए केस को एमएसीटी (MACT) सेल को सौंप दिया गया है।

PWD और पुलिस के बीच तालमेल की कमी

फ्लाईओवर पर अंधेरे की समस्या को लेकर लोक निर्माण विभाग का अपना तर्क है। विभाग का दावा है कि स्ट्रीट लाइट्स के पार्ट्स अक्सर चोरी हो जाते हैं और इस संबंध में पुलिस से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलता। वहीं, यात्रियों का कहना है कि संकेतक (Indicators) न होने और अंधेरे के कारण यह सड़क मौत का जाल बन गई है। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि हादसे के समय बाइक की सही रफ्तार और घटनाक्रम का पता लगाया जा सके।

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