Barabanki News: उत्तर प्रदेश में मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले माफिया मिस्बाहुर्रहमान उर्फ अज्जन के काले साम्राज्य पर पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी चोट की है। कभी सरकारी गल्ले पर निर्भर रहने वाले अज्जन ने पिछले 25 वर्षों में तस्करी के जरिए करोड़ों की बेनामी संपत्ति खड़ी कर ली थी। शनिवार को प्रशासन ने ऐतिहासिक कार्रवाई करते हुए माफिया की पत्नी के नाम दर्ज छह करोड़ रुपये की आलीशान इमारत को कुर्क कर दिया। यह कार्रवाई पूरे जोन में एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 एफ के तहत पहली बार की गई है।
गरीबी से अपराध के जरिए करोड़ों के साम्राज्य तक
जैदपुर के टिकरा मुर्तजा का रहने वाला अज्जन कभी बेहद साधारण जीवन जीता था। साल 1998 में उसके पिता को इंदिरा आवास आवंटित हुआ था, लेकिन 25 साल की उम्र में अज्जन मार्फीन तस्करों के जाल में फंस गया। साल 1997 में उस पर पहला मुकदमा दर्ज हुआ, जिसके बाद उसने पीछे मुड़कर नहीं देखा। जनवरी 2026 तक अज्जन पर हत्या, जानलेवा हमले और तस्करी समेत कुल 22 गंभीर मामले दर्ज हो चुके हैं। उसने अपराध के जरिए अपने पूरे परिवार को रातों-रात संपन्न बना दिया।
सफेमा बोर्ड की मंजूरी के बाद पुलिस का एक्शन
माफिया अज्जन के खिलाफ इस बड़ी कार्रवाई के लिए पुलिस ने पिछले पांच महीनों से कड़ी मेहनत की थी। पुलिस विभाग ने अज्जन की अवैध संपत्तियों का पूरा कच्चा चिट्ठा तैयार कर 717 पन्नों का एक विस्तृत प्रस्ताव केंद्र सरकार के ‘सफेमा’ (SAFEMA) बोर्ड को भेजा था। 30 अप्रैल को बोर्ड ने इन संपत्तियों को जब्त करने का अंतिम आदेश जारी किया। कानून विशेषज्ञों के अनुसार, इस विशेष धारा के तहत जब्त की गई संपत्ति को अब कोर्ट से भी रिलीज कराना नामुमकिन होगा।
ढोल-नगाड़ों के साथ शहर के बीच हुई जब्ती
नगर कोतवाली पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने शनिवार को रसूलपुर इलाके में पहुंचकर मुनादी कराई। नायब तहसीलदार प्रियंका शुक्ला की मौजूदगी में अज्जन की पत्नी नगमी खातून के नाम बनी 558.70 वर्गमीटर की तीन मंजिला इमारत को सील कर दिया गया। इसकी बाजार में कीमत छह करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई से जिले के अन्य अपराधियों और ड्रग तस्करों में हड़कंप मच गया है। सरकार की मंशा अब अपराधियों की कमर तोड़ने की है।
जेल में माफिया को आया हार्ट अटैक
9 जनवरी 2026 से जेल में बंद अज्जन को जब शुक्रवार को अपनी करोड़ों की संपत्ति जब्त होने की खबर मिली, तो उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे जेल से तुरंत केजीएमयू के लारी कार्डियोलॉजी विभाग में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस अब लखनऊ के सरोजनी नगर में स्थित माफिया की ढाई करोड़ की एक और इमारत को जब्त करने की तैयारी में है। कानून का यह कड़ा प्रहार बताता है कि अवैध कमाई का अंत हमेशा बुरा ही होता है।


