बिहार में कुदरत का करिश्मा: 89 किमी की रफ्तार से चली आंधी और झमाझम बारिश, जानें 6 मई तक का वेदर अपडेट

Patna News: बिहार में मौसम ने अचानक करवट ली है, जिससे तपती गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है। दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश और गंगीय पश्चिम बंगाल के ऊपर बने चक्रवातीय परिसंचरण के कारण राज्य के वातावरण में नमी का संचार हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, बिहार में आगामी 6 मई तक मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ आंधी-पानी की स्थिति बनी रहेगी। अगले 24 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में दो से तीन डिग्री सेल्सियस की गिरावट आने की संभावना है।

राजधानी में 89 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली हवा

बीते 24 घंटों के दौरान राजधानी पटना में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला, जहां हवा की गति 89 किलोमीटर प्रतिघंटा दर्ज की गई। इस दौरान शहर में 25.1 मिमी बारिश हुई, जिससे सड़कों पर जलजमाव की स्थिति बन गई। तेज हवाओं और बारिश के कारण पटना के अधिकतम तापमान में सात डिग्री सेल्सियस की भारी गिरावट दर्ज की गई। गुरुवार को शहर का तापमान 29.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जिसने चिलचिलाती धूप और उमस से नागरिकों को पूरी तरह निजात दिला दी।

भभुआ रहा सबसे गर्म, पूर्णिया में रिकॉर्ड बारिश

पूरे प्रदेश में चल रही इस मौसमी उथल-पुथल के बीच भभुआ (कैमूर) 33.3 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म जिला रहा। दूसरी ओर, बारिश के मामले में पूर्णिया के कस्बा इलाके ने रिकॉर्ड तोड़ दिया, जहां 87.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। पटना समेत राज्य के करीब 20 जिलों में पारे में भारी गिरावट आई है। सुपौल, मधुबनी और बक्सर जैसे जिलों में भी भारी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है, लेकिन किसानों के लिए यह बारिश संजीवनी बनकर आई है।

इन प्रमुख शहरों में जमकर बरसे बादल

राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हुई बारिश के आंकड़ों ने सबको हैरान कर दिया है। सुपौल के परपतगंज में 72.6 मिमी, मधुबनी के लखनपुर में 58 मिमी और बक्सर में 54.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा अररिया के सिकटी, शिवहर के तैरानी और दरभंगा के कुशेश्वरस्थान में भी 40 मिमी से अधिक वर्षा हुई है। पूर्वी चंपारण और मधुबनी के कई इलाकों में भी बादलों ने जमकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे पूरे उत्तर बिहार में मौसम काफी सुहाना और ठंडा हो गया है।

आगामी 4 दिनों के लिए अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 6 मई तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में आंधी-तूफान का खतरा बना रहेगा। लोगों को सलाह दी गई है कि वे मेघ गर्जन और वज्रपात के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें। चक्रवातीय हवाओं के असर से अभी तापमान में स्थिरता बनी रहेगी, जिससे फिलहाल लू (Heatwave) चलने की कोई संभावना नहीं है। आने वाले दिनों में बादलों की आवाजाही और रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।

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