Mumbai News: पश्चिमी एशिया में जारी अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बड़ी राहत की खबर आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति के जंग जल्द खत्म करने के बयान ने निवेशकों में नया जोश भर दिया है। इसका सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर दिखा। नए वित्त वर्ष 2026-27 के पहले दिन बाजार में जबरदस्त खरीदारी हुई। बुधवार 1 अप्रैल को सेंसेक्स 1,814 अंक उछलकर 73,762 के स्तर पर खुला। वहीं, निफ्टी में भी 567 अंकों की बड़ी बढ़त देखी गई। बाजार खुलने के कुछ ही मिनटों में निफ्टी 22,903 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों ने भारतीय निवेशकों की झोली खुशियों से भर दी है।
मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भारी खरीदारी
आज बाजार में बेंचमार्क इंडेक्स से भी बेहतर प्रदर्शन ब्रॉडर मार्केट ने किया। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 2.9 फीसदी की तेजी दर्ज हुई। वहीं, निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 3.14 फीसदी की जोरदार बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। निवेशकों का भरोसा लौटने से बाजार के हर सेक्टर में हरियाली नजर आई। एशियाई बाजारों में भी आज सुबह से ही सकारात्मक माहौल बना रहा। दुनिया भर के निवेशकों को अब उम्मीद है कि तनाव कम होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था फिर से पटरी पर लौटेगी।
कच्चे तेल की कीमतों ने बढ़ाई सरकार की टेंशन
बाजार में तेजी के बावजूद कच्चे तेल की कीमतें अब भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गया है। वहीं, वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 103 डॉलर के आसपास बना हुआ है। ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के बंद होने के डर से तेल सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है। अमेरिका में पेट्रोल की कीमतें चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं। यूरोप में भी महंगाई तेजी से बढ़ रही है, जिससे वहां की सरकारों को राहत पैकेज लाने पड़ रहे हैं।
निवेशकों के लिए क्या है जानकारों की सलाह?
जानकारों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता की उम्मीद ने बाजार को सहारा दिया है। अगर अगले 2 से 3 हफ्तों में युद्ध समाप्त होता है, तो बाजार नई ऊंचाइयों को छू सकता है। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें महंगाई के आंकड़े बिगाड़ सकती हैं। फिलहाल आईटी, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा रौनक देखी जा रही है। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में आई तेजी बताती है कि छोटे निवेशक भी अब जोखिम लेने को तैयार हैं।

