Beijing News: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स की दुनिया से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। चीन अब अपने देश के सभी ह्यूमनॉइड रोबोट्स के लिए एक राष्ट्रीय डिजिटल पहचान प्रणाली शुरू करने जा रहा है। इसके तहत हर एआई-संचालित रोबोट को 29 अंकों का एक यूनिक पहचान नंबर दिया जाएगा।
यह अनोखा पहचान संख्या रोबोट्स के लिए एक तरह के डिजिटल पासपोर्ट के रूप में काम करेगा। यह नंबर रोबोट के निर्माण से लेकर उसके उपयोग, मरम्मत और अंततः रिटायरमेंट तक का पूरा रिकॉर्ड रखने में मदद करेगा। चीन ने इस पूरी अनूठी पहल को “ह्यूमनॉइड फुल लाइफसाइकिल मैनेजमेंट सर्विस प्लेटफॉर्म” नाम दिया है।
रोबोट के बारे में दर्ज होगी पल-पल की जानकारी
इस नई डिजिटल पहचान प्रणाली के तहत देश में बनने वाले प्रत्येक ह्यूमनॉइड रोबोट को एक विशेष पहचान कोड आवंटित किया जाएगा। इस कोड की मदद से रोबोट के पूरे जीवनचक्र पर बहुत ही बारीकी से नजर रखी जा सकेगी। इसका मुख्य उद्देश्य तेजी से बढ़ रहे रोबोट उद्योग में बेहतर निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
इस सिस्टम में रोबोट से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां हमेशा के लिए दर्ज की जाएंगी। इनमें निर्माता कंपनी का नाम, मॉडल, तैनाती का स्थान, रखरखाव का इतिहास और मरम्मत का रिकॉर्ड शामिल होगा। अधिकारियों के मुताबिक इससे सुरक्षा जोखिमों की समय पर पहचान करना और खराबी आने पर जिम्मेदारी तय करना बेहद आसान हो जाएगा।
जानिए कैसे तैयार होगा 29 अंकों का यह जादुई कोड
हर रोबोट को मिलने वाला यह 29 अंकों का यूनिक कोड मुख्य रूप से चार अलग-अलग हिस्सों में विभाजित होगा। इसमें शुरुआत के 2 अंकों का देश कोड, फिर 4 अंकों का निर्माता कोड, उसके बाद 6 अंकों का मॉडल कोड और आखिरी में 17 अंकों का एक यूनिक सीरियल नंबर शामिल किया जाएगा।
चीन ने इस व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के लिए “नो कोड, नो मार्केट एक्सेस” की नई नीति बनाई है। इसका साफ मतलब है कि कोई भी ह्यूमनॉइड रोबोट बिना रजिस्ट्रेशन और इस यूनिक पहचान संख्या के न तो बाजार में बेचा जा सकेगा और न ही भविष्य में कहीं उपयोग किया जा सकेगा।
यदि किसी रोबोट मॉडल में कोई बड़ी तकनीकी खामी मिलती है, तो निर्माता कंपनियों को तुरंत रिकॉल जारी करना होगा। इसके अलावा कबाड़ या स्क्रैप किए गए पुराने रोबोट से तैयार रीफर्बिश्ड रोबोट्स को दोबारा बेचने की अनुमति नहीं होगी। चीन में अब तक 28,000 रोबोट्स को यह आईडी मिल चुकी है।
Author: Mohit


