Bihar News: वैश्विक तेल संकट और बढ़ती कीमतों के बीच बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक मिसाल पेश की है। शुक्रवार (15 मई, 2026) को मुख्यमंत्री अपने सरकारी आवास (लोक सेवक आवास) से पैदल ही सचिवालय के लिए निकल पड़े। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की देशहित में की गई अपील का समर्थन करते हुए उन्होंने यह कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने संदेश दिया है कि इस कठिन समय में फिजूलखर्ची रोककर ही हम बड़ी चुनौतियों का सामना कर सकते हैं।
मंत्रियों और अधिकारियों को सीएम की सख्त नसीहत
सचिवालय तक पैदल सफर तय करने के साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रशासन के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। उन्होंने स्पष्ट आदेश दिया है कि मंत्री और जनप्रतिनिधि सार्वजनिक कार्यक्रमों में अतिरिक्त वाहनों का प्रयोग न करें। सम्राट चौधरी ने राज्य की जनता से भी विशेष आग्रह किया है। उन्होंने दैनिक आवाजाही के लिए मेट्रो, बस और ऑटो जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट का अधिक उपयोग करने पर जोर दिया है। इससे न केवल व्यक्तिगत खर्च घटेगा, बल्कि ईंधन की खपत भी कम होगी।
‘दुनिया के मुकाबले भारत में ईंधन की दरें कम’: शाहनवाज हुसैन
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ताजा बढ़ोतरी पर बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने सरकार का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में ईंधन और गैस के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं। वैश्विक संकट की तुलना में भारत में अब भी कीमतें बहुत कम रखी गई हैं। शाहनवाज ने भरोसा जताया कि सरकार जनता पर कम से कम बोझ डालने की कोशिश कर रही है। उनके अनुसार जनता प्रधानमंत्री की अपील को समझती है और इस संकट से निपटने में पूरा सहयोग करेगी।
खाड़ी देशों में जारी युद्ध को बताया महंगाई की मुख्य वजह
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने भी ईंधन की कीमतों में इजाफे को मजबूरी का कदम बताया है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम पदार्थों की कमी के कारण दुनिया भर में महंगाई बढ़ रही है। विजय चौधरी ने इसके लिए खाड़ी देशों में जारी भीषण युद्ध को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, उन्होंने उम्मीद जताई कि यह स्थिति अस्थायी है। जैसे ही युद्ध रुकेगा, तेल की आपूर्ति सामान्य हो जाएगी और कीमतों में गिरावट से जनता को राहत मिलना शुरू होगा।
रोहिणी आचार्य ने घेरा तो सरकार ने दिया आर्थिक वास्तविकता का हवाला
विपक्षी नेताओं ने बढ़ती कीमतों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं, जिस पर सत्ता पक्ष ने स्पष्टीकरण दिया है। सरकार का तर्क है कि कच्चे तेल के दाम बढ़ने से ऑयल कंपनियों पर दबाव बढ़ रहा था। प्रधानमंत्री की अपील का पालन करते हुए सम्राट चौधरी खुद को एक रोल मॉडल के रूप में पेश कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि बिहार का हर नागरिक ऊर्जा संरक्षण की इस मुहिम का हिस्सा बने। पैदल दफ्तर जाने के उनके फैसले की राजनीतिक हलकों में खूब चर्चा हो रही है।


