33 साल बाद यूरोपीय धरती पर पीएम मोदी का ऐतिहासिक कदम, इस खुफिया मिशन से क्यों कांप उठे भारत के विरोधी?

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World News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार शाम को स्लोवाकिया की राजधानी ब्राटिसलाबा पहुंचे। वर्ष 1993 में स्लोवाकिया के एक स्वतंत्र देश बनने के बाद वहां जाने वाले वह पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं। उनकी इस ऐतिहासिक यात्रा से पूरे यूरोप के कूटनीतिक गलियारों में अचानक हलचल तेज हो गई है।

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर एक विशेष संदेश साझा किया। उन्होंने बताया कि यह यात्रा भारत और स्लोवाकिया के आपसी संबंधों को नया आयाम देगी। वह वहां के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी और प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको के साथ द्विपक्षीय हितों और वैश्विक मुद्दों पर बेहद महत्वपूर्ण बैठकें करेंगे।

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यूरोपीय संघ के साथ व्यापारिक और रणनीतिक संबंधों को मजबूती

विदेश मंत्रालय के अनुसार यह दो दिवसीय दौरा भारत के लिए बेहद रणनीतिक है। यह यात्रा केवल वार्ता तक सीमित नहीं है, बल्कि यूरोपीय संघ के साथ भारत की बड़ी व्यापारिक साझेदारी को आगे बढ़ाएगी। दोनों देश मिलकर आर्थिक और औद्योगिक मोर्चे पर नए समझौतों को अंतिम रूप देंगे।

इससे पहले अप्रैल 2025 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्लोवाकिया का सफल दौरा किया था। इसके बाद फरवरी 2026 में स्लोवाकियाई राष्ट्रपति पेलेग्रिनी खुद एआई इम्पैक्ट समिट में भाग लेने भारत आए थे। अधिकारियों के अनुसार अब इन लगातार दौरों से दोनों देशों के रिश्ते आर्थिक जमीन पर उतरेंगे।

ऑटोमोबाइल और ट्रेन निर्माण क्षेत्र में होगा बड़ा संयुक्त निवेश

दोनों देशों की नजरें इस समय प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों पर टिकी हैं। स्लोवाकिया पूरे यूरोप में ऑटोमोबाइल और ट्रेन निर्माण का एक बहुत बड़ा केंद्र है। भारत इस क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के आदान-प्रदान और संयुक्त विनिर्माण को लेकर ठोस और दीर्घकालिक नीति बनाने जा रहा है।

व्यापारिक बाधाओं को दूर करने के लिए दोनों देशों के कारोबारी समूह लगातार बातचीत कर रहे हैं। इस समझौते से भारत में विदेशी पूंजी निवेश का रास्ता और आसान हो जाएगा। युवाओं के लिए रोजगार और तकनीकी विकास के नए अवसर पैदा होने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है।

फ्रांस में जी-7 शिखर सम्मेलन और विवाटेक में गरजेंगे पीएम मोदी

स्लोवाकिया का दौरा खत्म करके प्रधानमंत्री मोदी सीधे फ्रांस के लिए रवाना होंगे। वहां वे 16 से 17 जून तक एवियन शहर में आयोजित होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। वे दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के सामने डिजिटल एकजुटता पर भारत का मजबूत पक्ष रखेंगे।

इसके बाद 18 जून को पीएम मोदी पेरिस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ यूरोप के सबसे बड़े स्टार्टअप और टेक्नोलॉजी मंच विवाटेक 2026 में शामिल होंगे। यह वैश्विक मंच भारतीय टेक कंपनियों और युवा उद्यमियों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार के नए दरवाजे खोलने में मदद करेगा।

Reported By: Pallavi Sharma

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