India News: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच हाल ही में भारतीय चालक दल वाले जहाजों पर हमलों की खबरें सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में काफी चर्चा में रहीं। विशेष रूप से ‘MT Liaki Freedom’ टैंकर पर हमले और उसमें चार भारतीयों की मौत के दावे किए गए थे। हालांकि, भारत सरकार और विदेश मंत्रालय ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए इन्हें भ्रामक और निराधार बताया है।
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि उपलब्ध आधिकारिक जानकारी के अनुसार ऐसी किसी भी दुखद घटना की पुष्टि नहीं हुई है। जहाज के मालिकों ने भी इन खबरों का खंडन किया है। डीजी शिपिंग के अनुसार, टैंकर पर मौजूद सभी चालक दल के सदस्य पूरी तरह सुरक्षित हैं। सरकार इन क्षेत्रों में स्थिति पर बारीकी से नजर बनाए हुए है ताकि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
ओमान तट पर हुई हालिया समुद्री घटनाएं
हाल के दिनों में समुद्री क्षेत्र में कुछ वास्तविक घटनाएं भी सामने आई हैं। 8 जून को ओमान के दक्षिण-पूर्वी तट के पास ‘मैरीवेक्स’ नामक एक टैंकर पर मिसाइल हमला हुआ था। इस जहाज पर 24 भारतीय चालक दल के सदस्य सवार थे। राहत की बात यह रही कि इस हमले में किसी भी भारतीय नाविक को कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा और सभी सुरक्षित रहे।
इसके अलावा, 10 जून को ‘MT Settebello’ नामक ऑयल टैंकर से जुड़ी एक गंभीर घटना सामने आई थी। इस जहाज पर भी 24 भारतीय क्रू सदस्य मौजूद थे। बचाव अभियान के दौरान 20 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया, लेकिन चार भारतीय नाविकों के लापता होने की सूचना मिली थी। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां इन नाविकों की खोजबीन और बचाव के लिए निरंतर प्रयास कर रही हैं।
MT Jalveer और समुद्री सुरक्षा
11 जून को ‘MT Jalveer’ नामक जहाज से जुड़ी एक और समुद्री सुरक्षा घटना की जानकारी मिली। इस जहाज पर भी भारतीय चालक दल तैनात था। भारतीय दूतावास और विदेश मंत्रालय ने इस मामले का संज्ञान लेते हुए पुष्टि की कि जहाज ओमान के निकट संकट की स्थिति में था। चालक दल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार हर संभव कूटनीतिक और तकनीकी कदम उठा रही है।
सुरक्षा तनाव और अफवाहों का दौर
क्षेत्र में चल रहे सुरक्षा तनाव के कारण गलत सूचनाओं का प्रसार भी तेजी से हुआ है। सरकार ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे केवल आधिकारिक स्रोतों और विदेश मंत्रालय द्वारा जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें। ‘MT Liaki Freedom’ को लेकर फैली मौत की खबरें इसी भ्रामक सूचनाओं का हिस्सा थीं, जिनका आधिकारिक तौर पर खंडन किया गया है।
Author: Rajesh Kumar

