Technology News: आजकल बाजार में स्मार्ट टीवी के कई विकल्प मौजूद हैं। जब भी हम नया टीवी खरीदने की सोचते हैं, तो फीचर्स और बजट पर विशेष ध्यान देते हैं। इसी बीच आपने ‘क्वांटम डॉट लाइट-एमिटिंग डायोड’ यानी QLED टेक्नोलॉजी का नाम जरूर सुना होगा।
अक्सर लोग बिना सोचे-समझे QLED टीवी खरीद लेते हैं, लेकिन क्या इसमें पैसे लगाना वाकई फायदेमंद है? यह तकनीक हर यूजर की जरूरत के हिसाब से सही साबित नहीं होती। इस टीवी में एक बैकलाइट यूनिट होती है, जो छोटे सेमीकंडक्टर क्रिस्टल से रोशनी गुजारकर स्क्रीन पर तस्वीरें बनाती है।
रोशनी वाले कमरों के लिए बेस्ट, पर ब्लैक लेवल में कमजोरी
QLED टीवी की सबसे बड़ी यूएसपी इसकी बेहतरीन ब्राइटनेस या चमक है। अगर आपका कमरा बहुत हवादार है या वहां सीधी धूप आती है, तो QLED टीवी आपके लिए एक बेहतरीन और स्मार्ट विकल्प साबित हो सकता है। आउटडोर सेटिंग के लिए भी यह डिस्प्ले काफी शानदार माना जाता है।
हालांकि, पिक्चर क्वालिटी के मामले में इसकी एक बड़ी कमी भी है। यह OLED टीवी की तरह एकदम गहरा और असली काला रंग नहीं दिखा पाता। इसमें काला रंग थोड़ा डार्क ग्रे जैसा नजर आता है। इसके अलावा, स्क्रीन के कोनों से अतिरिक्त रोशनी फैलने की समस्या भी देखने को मिलती है।
हैवी डिजाइन और सीमित व्यूइंग एंगल की समस्या
अगर आप अपने लिविंग रूम के लिए बिल्कुल स्लिम और पतला टीवी ढूंढ रहे हैं, तो QLED आपको थोड़ा निराश कर सकता है। इस टीवी के अंदर एलईडी बैकलाइट, एलसीडी पैनल और क्वांटम डॉट फिल्म जैसी कई परतें होती हैं, जिसकी वजह से इसका साइज थोड़ा मोटा हो जाता है।
इसके अलावा, QLED टीवी में व्यूइंग एंगल की भी एक बड़ी सीमा होती है। इसका मतलब है कि जब आप टीवी को बिल्कुल सामने या बीच में बैठकर देखेंगे, तभी आपको बेहतरीन कलर्स और चमक मिलेगी। साइड से या ऊपर-नीचे होकर देखने पर इसके रंगों और पिक्चर क्वालिटी में कमी आ जाती है।
Author: Mohit

