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केजेएमयू बवाल पर भड़के योगी आदित्यनाथ, अपर्णा यादव को किया तलब, लखनऊ में मची खलबली!

Uttar Pradesh News: लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजेएमयू) में शुक्रवार को हुई अराजकता ने सरकार को हिला दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर बेहद सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव को तुरंत तलब कर लिया। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने उनसे मेडिकल कॉलेज में हुई घटना का पूरा ब्योरा मांगा है। इस हंगामे के बाद केजीएमयू प्रशासन ने पुलिस में तहरीर दी है।

सीएम योगी ने अध्यक्ष से भी की पूछताछ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिर्फ उपाध्यक्ष ही नहीं, बल्कि आयोग की अध्यक्ष बबिता चौहान को भी बुलाया। उन्होंने दोनों पदाधिकारियों से घटना के संबंध में जानकारी ली। सूत्रों का दावा है कि केजीएमयू प्रशासन ने अपर्णा यादव के खिलाफ भी शिकायत दर्ज कराई है। शुक्रवार को धर्मान्तरण और यौन शोषण के मामले को लेकर हिंदूवादी संगठनों ने अस्पताल परिसर में करीब तीन घंटे तक जमकर बवाल काटा था।

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वीसी दफ्तर पर उपद्रवियों का कब्जा

अपर्णा यादव के केजीएमयू पहुंचते ही उनके साथ आए लोगों ने कुलपति कार्यालय पर कब्जा कर लिया। भीड़ ने प्रति कुलपति डॉ. अपजीत कौर और विशाखा कमेटी की चेयरमैन डॉ. मोनिका कोहली को बंधक बना लिया। हालात इतने बिगड़ गए कि कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद को अपनी जान बचाने के लिए पिछले दरवाजे से भागना पड़ा। उपद्रवियों ने कुलपति के चैंबर के बाहर तैनात कर्मचारियों को भी धक्के देकर खदेड़ दिया।

दरवाजे तोड़े, गमले फोड़े और नारे लगे

हिंसा पर उतारू भीड़ ने कुलपति कार्यालय के दरवाजे और खिड़कियों पर लात-घूंसे बरसाए। इससे कार्यालय की सिटकनी टूट गई। अंदर घुसते ही लोगों ने गमले फोड़ दिए और फर्नीचर को फर्श पर पटक दिया। सुरक्षाकर्मी उन्हें रोकने में पूरी तरह नाकाम रहे। इस दौरान कुलपति प्रमोशन के इंटरव्यू ले रही थीं, जिसमें देश भर के विशेषज्ञ शामिल थे। भीड़ ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाते हुए अधिकारियों के चैंबर में घुस गई।

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गोपनीय रास्ते से बचाई छात्रों की जान

जिस वक्त यह हंगामा हो रहा था, वहां पास में ही मेडिकल छात्रों की क्लास चल रही थी। शोर-शराबा और तोड़फोड़ देखकर छात्र दहशत में आ गए। केजीएमयू के अधिकारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए छात्रों को पीछे के गोपनीय दरवाजे से सुरक्षित बाहर निकाला। करीब एक घंटे बाद चिकित्सा अधीक्षक और चीफ प्रॉक्टर ने बंधक बनी महिला डॉक्टरों को भीड़ के चंगुल से छुड़ाया।

अचानक बदला गया था प्रेसवार्ता का स्थान

यह पूरा विवाद दो मामलों की सुनवाई से जुड़ा था। अपर्णा यादव को पहले आयोग में प्रेसवार्ता करनी थी। अचानक कार्यक्रम स्थल बदलकर केजीएमयू कर दिया गया। इसी सूचना पर हिंदूवादी संगठन वहां इकट्ठा होने लगे। करीब 200 लोगों की भीड़ ने अपर्णा यादव की गाड़ी देखते ही हंगामा शुरू कर दिया। अब योगी आदित्यनाथ के हस्तक्षेप के बाद मामले में बड़ी कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है।

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