चुनावी रातें -राम भगत नेगी, किन्नौर

चुनावी रातें करवट की रातें
प्रतिनिधियों की उठनें जागने की राते
सभी पार्टियों की जागने की रातें
चुनाव की जय लोकतंत्र की जय

कल किस का सवेरा उदय होगा
कौन रेस में कल आगे होगा
किस के सर पर विजय का ताज होगा
सियासत पर ना जाने कैसा घमासान होगा

पक्ष-विपक्ष दोंनो परेशान
कोंग्रेस चुनाव से बना पाषाण
मोदी जी की मेजीक चलती है
या निर्दलीय की जीत होती है

जनता के सर्वे ने सब की नींद उड़ाई
कल किस की होगी जग हँसाई
देखो कुछ पल की है बात
सो जाओ हुई है बहुत अब रात है

जो जीता कल वो सिकंदर होगा
जो हारा जनता नें बनाया उसे बंदर
मुर्गा बोतल का लालच जीतेगा
या जनता का विकास जीतेगा
कल जो भी जीतेगा ये
चुनाव एक इतिहास दिखेगा

-राम भगत, नेगी किन्नौर, हिमाचल प्रदेश

लेखक राम भगत नेगी मूलतः हिमाचल प्रदेश के किन्नौर के रहने वाले है और उनकी शिक्षा 10 तक हुई है। वर्तमान में डीजे और टेंट का व्यवसाय करते है और विद्युत विभाग के ठेकेदार है। साथ में लेखक समाज सेवा भी करते है। लेखक गिरिराज, वर्तमान अंकुर, गंगा खबर, दक्षिण प्रतीक्षा समाचार आदि छप चुके है। राष्ट्रीय कवि संगम हिमाचल प्रदेश किन्नौर इकाई के अध्यक्ष है।

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