फ्रांस का बड़ा एक्शन! इजरायली मंत्री बेन गिविर के प्रवेश और संपत्ति पर लगाया प्रतिबंध, गाजा में यौन शोषण का आरोप

World News: वैश्विक मंच से एक बेहद बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। फ्रांस सरकार ने इजरायल के आंतरिक सुरक्षा मंत्री इतमार बेन गिविर के खिलाफ बेहद सख्त कदम उठाते हुए उन्हें पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। इस कड़े फैसले के बाद अब उनके फ्रांस में प्रवेश करने पर पूर्ण पाबंदी लग गई है।

फ्रांस में संपत्तियों को खरीदने और रखने पर भी पूरी तरह रोक

फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरट ने इस ऐतिहासिक और बड़े फैसले की आधिकारिक जानकारी दी है। नए प्रतिबंधों के मुताबिक, इतमार बेन गिविर अब न तो फ्रांस की धरती पर कदम रख सकेंगे और न ही वहां किसी भी प्रकार की चल-अचल संपत्ति खरीद या रख सकेंगे। उनकी पुरानी संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

इजरायली मंत्री के खिलाफ यह दंडात्मक कार्रवाई फलस्तीनियों के लिए खाद्य सामग्री और जरूरी मानवीय मदद लेकर समुद्री मार्ग से गाजा जा रहे स्वयंसेवी संगठनों के 430 विदेशी नागरिकों को जबरन गिरफ्तार करने, उनके साथ बेहद अमानवीय दुर्व्यवहार करने, बेरहमी से मारपीट, गालीगलौज और यौन शोषण जैसी गंभीर घटनाओं के बाद की गई है।

वीडियो में बंधकों का मजाक उड़ाते दिखे थे इजरायली मंत्री

इंटरनेट मीडिया पर हाल ही में एक बेहद शर्मनाक वीडियो सार्वजनिक हुआ था। इस वीडियो में मंत्री इतमार बेन गिविर हथकड़ी डालकर जबरन घुटने के बल जमीन पर बैठाए गए बेकसूर विदेशी बंधकों का सरेआम मजाक उड़ाते दिखाई दे रहे थे। हैरान करने वाली बात यह है कि यह वीडियो खुद गिविर ने ही अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया था।

हिरासत में लेकर प्रताड़ित किए गए इन विदेशी नागरिकों में फ्रांस, जर्मनी और इटली सहित कई यूरोपीय देशों के लोग शामिल हैं। फ्रांस के विदेश मंत्री बैरट ने कहा कि वह अपने इतालवी समकक्ष और यूरोपीय संघ के अन्य सहयोगियों से भी बेन गिविर पर इसी तरह के कड़े प्रतिबंध लगाने के लिए व्यक्तिगत रूप से अनुरोध करेंगे।

अमेरिका और इजरायली पीएम नेतन्याहू ने भी की तीखी निंदा

मंत्री इतमार बेन गिविर के इस क्रूर और अमानवीय कृत्य की चौतरफा थू-थू हो रही है। खुद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनके सबसे बड़े सहयोगी देश अमेरिका ने भी इस घटना की कड़े शब्दों में तीखी निंदा की है। इस घटना से इजरायल की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी किरकिरी हो रही है।

दूसरी ओर, पश्चिम एशिया में तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। लेबनान में गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात को हुए इजरायल के दो अलग-अलग विनाशकारी हवाई हमलों में छह चिकित्साकर्मियों (मेडिकल स्टाफ) की दर्दनाक मौत हो गई। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा की है।

लेबनानी मंत्रालय के अनुसार, पहला हवाई हमला हानावे शहर में हुआ जिसमें चार लोग मारे गए, जबकि दूसरा हमला दीर कानून एन नाहर में हुआ, जहां दो लोगों की जान चली गई। मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन करार दिया है। गौरतलब है कि यह हमला दोनों देशों के बीच युद्धविराम लागू होने के बावजूद हुआ है।

Author: Pallavi Sharma

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