कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि वह पार्टी के भीतर आंतरिक चुनावों के पक्षधर हैं और कार्यकर्ता ही यह तय करेंगे कि पार्टी का नेतृत्व किसे करना चाहिए। गांधी ने साथ ही इस बात पर भी जोर दिया कि पार्टी उनसे जो भी कहेगी, वह करेंगे।

राहुल गांधी ने एक साक्षात्कार में कहा कि पार्टी के भीतर संगठनात्मक चुनाव समय पर होंगे, लेकिन अभी जरूरत इस बात की है कि जीवन बचाया जाए और महामारी को नियंत्रित किया जाए। कांग्रेस के 23 वरिष्ठ नेताओं के समूह द्वारा पार्टी का संगठनात्मक चुनाव जल्द कराने और पूर्णकालिक कांग्रेस अध्यक्ष की मांग पूर्व में की गई थी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद के नेतृत्व वाले इस समूह ने पिछले साल अगस्त में अपनी मांगों को लेकर कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखा था।

पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीटीआई-भाषा से कहा, ”मैंने हमेशा कांग्रेस के भीतर आंतरिक संगठनात्मक चुनावों का समर्थन किया है और ये समय पर कराये जाएंगे।”उन्होंने कहा, ”पार्टी के कार्यकर्ताओं को यह तय करना है कि पार्टी का नेतृत्व किसे करना चाहिए। पार्टी मुझसे जो कहेगी मैं वह करूंगा।”

राहुल गांधी ने लोकसभा चुनावों में पार्टी की अपमानजनक हार की जिम्मेदारी लेते हुए पिछले साल मई में कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ दिया था। कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने इस साल की शुरुआत में कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक की अध्यक्षता करने के बाद कहा था कि कांग्रेस को जून 2021 तक एक नया कांग्रेस अध्यक्ष मिलेगा।

उन्होंने कहा, ”हालांकि अभी ध्यान इस महामारी को नियंत्रित करने, जीवन बचाने और भारत के व्यापक दुख और दर्द को दूर करने पर है। बाकी सभी चीजों के लिए आगे समय मिलेगा।” उन्होंने कोरोना वायरस की दूसरी लहर के कारण देश में मौजूदा संकट के लिए केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया है। भारत में एक दिन में कोविड-19 के चार लाख से अधिक नये मामले सामने आ रहे हैं। ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ”कोविड-19 के खिलाफ जंग” जीतने का पहले ही श्रेय ले लिया और अब वह ”गेंद राज्यों के पाले में डाल” रहे हैं।’

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